रायपुर में छापे मारने गई आयकर टीम की गाड़ियां जब्त

National News

Income tax team’s vehicles seized in Raipur

रायपुर, 28 फरवरी 2020. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपु (Raipur, the capital of Chhattisgarh) में पुलिस ने नो पार्किंग स्थल पर खड़े वाहनों को जब्त किया है। जब्त किए गए वाहनों में 20 वाहन वे हैं जिनका उपयोग आयकर विभाग कर रहा था, जिसने गुरुवार को महापौर एजाज ढेबर सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के यहां छापे मारे थे।

पुलिस की इस कार्रवाई को भाजपा ने केंद्रीय जांच एजेंसी के काम में बाधा डालने वाला बताया गया है, तो कांग्रेस ने आयकर की कार्रवाई पर ही सवाल उठाए हैं।

पुलिस टीम ने गुरुवार-शुक्रवार की देर रात सड़क पर खड़ी गाड़ियों को जब्त कर लिया और उन्हें पुलिस लाइन ले जाया गया। जिन गाड़ियों को नो पार्किंग में खड़े होने का हवाला देकर जब्त किया गया है, उनमें से 20 गाड़ियां आयकर विभाग के अमले द्वारा उपयोग में लाई जा रही थी।

बताया जा रहा है कि आयकर विभाग ने भिलाई से गाड़ियों को मंगाया गया था, यह गाड़ियां गुरुवार को आयकर विभाग के दल को मुहैया कराई गई थी। गाड़ियों के मालिकों का कहना है कि वे नो पार्किंग का चालान भरने को तैयार हैं, मगर गाड़ियों को नहीं छोड़ा गया है।

आयकर विभाग के दस्ते की गाड़ियां जब्त किए जाने का मामला भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने विधानसभा में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया,

“राज्य में सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों को अपनी स्वतंत्रता के साथ काम नहीं करने दे रही। जांच एजेंसियों के काम में बाधा पहुंचाने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है।”

राज्य सरकार के मंत्री अमरजीत भगत ने आयकर विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा,

“यह कार्रवाई राज्य सरकार को बदनाम करने के मकसद से की जा रही है।”

गौरतलब है कि आयकर विभाग के दस्ते ने महापौर एजाज ढेबर, रेरा के अध्यक्ष विवेक ढांढ, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा सहित कई स्थानों पर गुरुवार को सर्वे की कार्रवाई शुरू की थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रमुख सचिव रहे आईआरएस अधिकारी अमन सिंह और उनकी पत्नी यास्मिन सिंह के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज की थी। अमन सिंह के साथ ही उनकी पत्नी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। अब आयकर विभाग की जिन अधिकारियों पर नजर टेड़ी बताई जा रही है, वे सभी पहले रमन सिंह के करीबी रहे हैं और नई सरकार बनने के बाद उनकी निष्ठा बदल गई है। चर्चा है कि ये अफसर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रमन सिंह के कार्यकाल की दबी नसों की जानकारी दे रहे हैं।

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