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कोरोना से कई गुना ज्यादा खतरनाक है बर्ड फ्लू

कोरोना से कई गुना ज्यादा खतरनाक है बर्ड फ्लू

बर्ड फ्लू पर हिंदी में विशेष लेख | Special article in Hindi on bird flu

India was declared a country free of ‘bird flu’ disease on 30 September 2020.

कोरोना संकट के बीच देश में पिछले कुछ दिनों से लगातार सामने आ रहे बर्ड फ्लू (Bird flu in Hindi) के मामले काफी चिंताजनक माहौल पैदा कर रहे हैं। चिंताजनक स्थिति इसलिए है क्योंकि 30 सितम्बर 2020 को ही भारत को ‘बर्ड फ्लू’ की बीमारी से मुक्त देश घोषित किया गया था और कोरोना महामारी के बीच बर्ड फ्लू का संक्रमण कोरोना से भी कहीं ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है। मुर्गे-मुर्गियों में एच5एन1 वायरस (H5n1 virus) मिलता रहा है लेकिन कौओं में बर्ड फ्लू के एच5एन8 वायरस (H5N8 virus of bird flu) की पुष्टि भी हुई है।

भोपाल की हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब में राजस्थान, केरल तथा मध्य प्रदेश के पक्षियों के सैंपल पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें बर्ड फ्लू के एच5एन8 वायरस मिले हैं जबकि हिमाचल के सैंपल में एच5एन1 वायरस पाए गए हैं।

Chickens and ducks are being killed on a large scale after the confirmation of bird flu in Kerala.

कई राज्यों में कौओं, मुर्गियों तथा अन्य पक्षियों की मौतें हो रही हैं जबकि केरल में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद बड़े पैमाने पर मुर्गों और बतखों को मारा जा रहा है। हरियाणा में तो पिछले दो सप्ताह में ही चार लाख से अधिक पोल्ट्री पक्षियों की मौत हो जाने से हड़कंप मचा है। कई अन्य राज्यों में भी अलर्ट जारी किया गया है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, केरल सहित कुछ राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केन्द्र सरकार द्वारा दिल्ली में एक कंट्रोल रूम बनाया है ताकि प्रत्येक राज्य के सम्पर्क में रहा जा सके।

At present, no case of infection has spread to humans through bird flu.
brown and black hen with peep of chick outdoor
Brown and black hen with peep of chick outdoor. Photo by Quang Nguyen Vinh on Pexels.com

हालांकि सरकार का कहना है कि सर्दियों में आए प्रवासी पक्षियों (Winter migratory birds) की वजह से यह बीमारी फैली है और फिलहाल बर्ड फ्लू के जरिये इंसानों में संक्रमण फैलने का अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन फिर भी इसे कोरोना से भी ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है।

Mortality from bird flu is 20 times higher than corona

दरअसल दुनियाभर में पिछले एक वर्ष में कोरोना वायरस से करीब 19 लाख लोगों की मृत्यु हुई और कोरोना से मृत्यु दर (Corona mortality) फिलहाल लगभग तीन फीसदी है लेकिन माना जाता है कि बर्ड फ्लू से संक्रमित मरीजों की मृत्युदर 60 फीसदी तक होती हैं, जो कोरोना से 20 गुना ज्यादा हैं। दरअसल बर्ड फ्लू के कुछ स्ट्रेन (एच5एन1 और एच7एन9) इंसानों के लिए काफी खतरनाक होते हैं जबकि बाकी स्ट्रेन पक्षियों तथा कुछ स्तनधारी पशुओं को भी पीडित कर सकते हैं।

कितना खतरनाक हो सकता है बर्ड फ्लू से संक्रमण

यह संक्रमण कितना खतरनाक हो सकता है, इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2003 से 2019 के बीच करीब डेढ़ हजार लोगों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई, जिनमें से पूरे इलाज के बावजूद करीब छह सौ लोगों को बचाया नहीं जा सका।

Avian influenza virus (H5N1): a threat to human health | What is avian influenza h5n1?

बर्ड फ्लू को ‘एवियन इन्फ्लूएंजा’ नाम से भी जाना जाता है (Bird flu is also known as ‘avian influenza’), जो एक वायरल संक्रमण है। यह बीमारी एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस ‘एच5एन1’ की वजह से ही होती है, जो पक्षियों से मनुष्यों तक पहुंचता है। पक्षियों से एक-दूसरे में फैलने वाले वाला यह वायरस बेहद संक्रामक होता है, जिसके कई स्ट्रेन होते हैं लेकिन सबसे खतरनाक स्ट्रेन एच5एन1 माना जाता है, जिससे संक्रमित लोगों में से आधे से ज्यादा की मौत हो जाती है। इंफ्लूएंजा के कुल 11 वायरस ऐसे हैं, जो इंसानों को संक्रमित करते हैं लेकिन इनमें से पांच (एच5एन1, एच7एन3, एच7एन7, एच7एन9 और एच9एन2) ऐसे हैं, जो इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। इन वायरसों को ‘हाईली पैथोजेनिक एवियन इन्फ्लूएंजा(Highly Pathogenic Asian Avian Influenza) कहा जाता है, जिनमें सबसे ज्यादा खतरनाक है एच5एन1 बर्ड फ्लू वायरस है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि बर्ड फ्लू का संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचना मुश्किल है लेकिन पक्षियों और जानवरों के जरिये इंसानों में इसका संक्रमण जरूर फैला है। यह वायरस इसलिए जानलेवा है क्योंकि इससे संक्रमित लोगों की मृत्युदर 60 फीसदी तक है।

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि एच5एन1 बर्ड फ्लू वायरस किसी सतह के जरिये भी इंसानों को संक्रमित कर सकता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार वर्ष 2007 से 2008 के बीच एच5एन1 बर्ड फ्लू वायरस के कारण 349 लोग संक्रमित हुए थे, जिनमें करीब 62 फीसदी अर्थात् कुल 216 लोगों की मौत हो गई थी। बर्ड फ्लू के इंसानों में सामने आए मामलों के विश्लेषण से पता चला है कि ऐसे सभी व्यक्ति इस वायरस से संक्रमित किसी जीवित या मृत पक्षी के सम्पर्क में आए थे।

कैसे फैलता है बर्ड फ्लू- How bird flu spreads

एच5एन1 वायरस हजारों किलोमीटर उड़कर प्रजनन के लिए आने-जाने वाले प्रवासी पक्षियों के जरिये भी एक देश से दूसरे देश में फैलता है। यदि इनमें से एक भी पक्षी बर्ड फ्लू से संक्रमित है तो वह दूसरे देश में पहुंचकर वहां अन्य पक्षियों में संक्रमण फैला देता है, जिसके बाद यह संक्रमण पोल्ट्री फार्म और फिर इंसानों तक भी पहुंच जाता है। इस वायरस के साथ बड़ी परेशानी यह है कि इसका वायरस हवा से फैलता है और साथ ही तेजी से म्यूटेशन भी करता है।

कई बार देखा गया है कि जब पक्षी हवा में उड़ते हुए भी मल-मूत्र का त्याग करते हैं, तब भी यह वायरस फैलता है। संक्रमित पक्षियों के सम्पर्क में आने वाले जानवर और इंसान इस वायरस से आसानी से संक्रमित हो जाते हैं। यह बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह की लार या आंखों से निकलने वाले पानी के सम्पर्क में आने से होती है।

बर्ड फ्लू के लक्षण | Symptoms of bird flu

बर्ड फ्लू से संक्रमित होने के बाद आमतौर पर 2-8 दिनों के बाद इसके लक्षण प्रकट होते हैं। इन लक्षणों में सामान्य फ्लू जैसे लक्षण ही देखे जाते हैं, जैसे कफ, डायरिया, तेज बुखार, खांसी, गले की खराश, नाक बहना, मितली, उल्टी, बेचैनी, सिरदर्द, सीने में दर्द, जोड़ों का दर्द, पेट दर्द, आंखों का संक्रमण इत्यादि। संक्रमण बढ़ने पर न्यूमोनिया हो सकता है और सांस की परेशानी भी बढ़ सकती है। बर्ड फ्लू संक्रमण की वजह से होने वाला निमोनिया (Pneumonia caused by bird flu infection) प्रायः काफी घातक होता है। संक्रमित मरीजों को विशेष देखभाल के तहत इलाज की जरूरत होती है, जिनका इलाज अस्पताल में रखकर ही किया जाता है।

बर्ड फ्लू से बचाव | Bird flu prevention

चूंकि बर्ड फ्लू भी कोरोना की ही भांति तीव्र संक्रामक बीमारी है और इसके लक्षण भी कोरोना जैसे ही हैं, यह वायरस भी मुंह, नाक व आंख के जरिये ही शरीर में प्रवेश करता है, इसलिए कोरोना काल में पहली से अपनाई जा रही सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है।

peep of brown chicken
Peep of brown chicken. Photo by Magda Ehlers on Pexels.com

सांसों के जरिये संक्रमण से बचने के लिए मास्क पहनें, हाथों को अच्छी तरह धोएं या सैनिटाइज करते रहें। छींकने या खांसने से पहले मुंह को अच्छे से कवर करें और इस्तेमाल के बाद टिश्यू पेपर को डस्टबिन में डालें। संक्रमित पोल्ट्री फार्म में जाने और वहां काम कर रहे लोगों के सम्पर्क में आने से बचें। यदि आप बीमार हैं तो भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।

There is no bird flu vaccine in India | क्या बर्ड फ्लू की वैक्सीन है?

भारत में बर्ड फ्लू की कोई वैक्सीन नहीं है लेकिन एंटीवायरल दवा ‘ओसेल्टामिवीर’ से बर्ड फ्लू से संक्रमित मरीज को राहत दी जा सकती है लेकिन इसका इस्तेमाल डॉक्टर की निगरानी में ही किया जाना चाहिए। चिकित्सकीय परामर्श के बाद बर्ड फ्लू संक्रमण से बचाव के लिए फ्लू की वैक्सीन भी लगवाई जा सकती है। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार यदि बर्ड फ्लू संक्रमण का सही उपचार नहीं होता है तो मनुष्य के विभिन्न अंगों पर इस वायरस का प्रभाव घातक रूप से पड़ सकता है और उसकी मौत भी हो सकती है।

योगेश कुमार गोयल

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार तथा कई पुस्तकों के लेखक हैं। वर्ष 2020 में भी श्री गोयल की ‘प्रदूषण मुक्त सांसें’ तथा ‘जीव जंतुओं का अनोखा संसार’ पुस्तकें प्रकाशित हुई थी।)

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