कर्नाटक में बढ़ते ‘धार्मिक विभाजन’ पर उद्योगपति किरण मजूमदार शॉ ने चेताया

कर्नाटक में बढ़ते ‘धार्मिक विभाजन’ पर उद्योगपति किरण मजूमदार शॉ ने चेताया

Industrialist Kiran Mazumdar Shaw warns on growing ‘religious divide’ in Karnataka

नई दिल्ली, 01 अप्रैल 2022. कर्नाटक में दक्षिणपंथी समूहों ने मंदिर परिसर और धार्मिक मेलों के भीतर हलाल मीट और मुस्लिम व्यापारियों के कारोबार का बहिष्कार करने के अपने आह्वान को तेज कर दिया है। इस बीच सुप्रसिद्ध उद्योगपति और बायोकॉन की प्रमुख किरण मजूमदार-शॉ ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई से इस बढ़ते धार्मिक विभाजन को हल करने का आग्रह किया है।

किरण मजूमदार-शॉ ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा,

“अगर सूचना प्रौद्योगिकी और व्यापार परिवर्तन (आईटी-बीटी) ही सांप्रदायिक हो जाएगा तो यह हमारे वैश्विक नेतृत्व को नष्ट कर देगा। कर्नाटक ने हमेशा ही समावेशी विकास किया है और हमें इस तरह के सांप्रदायिक बहिष्कार की इजाजत नहीं देनी चाहिए।”

किरण मजूमदार-शॉ एक भारतीय अरबपति उद्यमी हैं। वह बायोकॉन लिमिटेड और बायोकॉन बायोलॉजिक्स लिमिटेड की कार्यकारी अध्यक्ष और संस्थापक हैं, जो बैंगलोर, भारत में स्थित एक जैव प्रौद्योगिकी कंपनी है और भारतीय प्रबंधन संस्थान, बैंगलोर की पूर्व अध्यक्ष हैं।

किरण मजूमदार-शॉ ने सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने और बहिष्कार जैसे कदमों से बचने को लेकर ऐसे समय पर चेताया है, जब बेंगलुरु में कुछ तथाकथित हिंदू समूहों द्वारा मुस्लिम व्यापारियों पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया जा रहा है। मजूमदार ने लिखा कि, दुर्भाग्य से निजी स्वार्थ के लिए कुछ राजनीतिक दल इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे विश्वास है कि हमारे सीएम बसवराज बोम्मई इस मुद्दे को सुलझा लेंगे।

समाज में गहरे साम्प्रदायिक विभाजन के डर से विशेषज्ञों, साहित्यकारों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई करने का आग्रह किया है। मुस्लिम नेताओं ने भी शक्तिशाली और प्रभावशाली पेजावर मठ द्रष्टा से मुलाकात कर मामले में उनके हस्तक्षेप की मांग की है।

हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधानसभा में सरकार ने कहा है कि वे मंदिर प्रशासन को मंदिर परिसर और धार्मिक मेलों के भीतर गैर-हिंदू व्यापारियों को व्यवसाय करने से प्रतिबंधित करने से नहीं रोक सकते हैं। कुछ तथाकथित हिंदू कार्यकर्ताओं ने कुछ जगहों पर धार्मिक स्थानों एवं मेलों से मुसलमानों के स्वामित्व वाली दुकानों को हटा दिया है।

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