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जानिए घोड़ों की अद्भुत समझदारी के बारे में

घोड़ों की अद्भुत समझदारी के बारे में जानकारी | Information in Hindi about the amazing understanding of horses

घोड़ों की अद्भुत समझदारी को लेकर घोड़ों के गुणों का वर्णन किया जाता है, मसलन घोड़ों का समझदार, भरोसेमंद और संवेदनशील होना। शायद इसीलिए पुराने जमाने में घोड़े सेनाओं का अहम हिस्सा होते थे। आज भी घोड़ों की अद्भुत समझदारी के कारण ही सेना और पुलिस में घोड़े अहम स्तान रखते हैं। लेकिन इतना समझदार होने के बावजूद अन्य बेजुबान प्राणियों की तरह घोड़े भी अपनी तकलीफ हम इंसानों की तरह बोल कर तो नहीं बता सकते।

घोड़े आपके हावभाव को याद रखते हैं | Horses remember your body language

सदियों से घोड़ों का इस्तेमाल विभिन्न कार्यों के लिए किया जाता रहा है। एक समय में घोड़े लड़ाई के मैदानों और सवारी का मुख्य साधन हुआ करते थे। लेकिन घोड़ों में एक और विशेष बात है। घोड़े मानव चेहरों के हावभाव याद रख सकते हैं। वे पिछली मुलाकात में आपके व्यवहार, मुस्कराने या गुस्से, के अनुसार अपनी प्रतिक्रिया भी देते हैं। 

वर्ष 2016 में पोर्ट्समाउथ विश्वविद्यालय (University of Portsmouth) की लीएन प्रूप्स और ससेक्स विश्वविद्यालय (University of Sussex) के उनके सहयोगियों ने बताया था कि घोड़े इंसानों के खुश या गुस्से वाले चेहरे की तस्वीरों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हैं। अब उन्होंने अध्ययन किया है कि क्या घोड़े चेहरे के हाव-भाव के आधार पर लोगों की स्थायी यादें भी बना सकते हैं।

इस अध्ययन के लिए उन्होंने घोड़ों को दो मानव मॉडल में से एक की तस्वीर दिखाई। दोनों मॉडल एक ही व्यक्ति के थे किंतु एक के चेहरे पर गुस्से का तथा दूसरे के चेहरे पर खुशी का भाव था। कुछ घंटों बाद मॉडल खुद तटस्थ मुद्रा में घोड़ों के सामने आया। तुलना के लिए एक और प्रयोग साथ में किया गया था। इसमें दूसरी बार व्यक्ति की बजाय एक अन्य मॉडल को ही घोड़े के सामने रखा गया था।  

Horses like to see negative and dangerous things with the left eye and positive social stimulus with the right eye.

 घोड़े नकारात्मक और खतरनाक चीज़ों को बाईं आंख से एवं सकारात्मक सामाजिक उद्दीपन वाली चीज़ों को दाईं आंख से देखना पसंद करते हैं।

अध्ययन में, जब घोड़ों ने मॉडल को पहले गुस्से में देखा, तो उन्होंने वास्तविक व्यक्ति को देखते समय अपनी बाईं आंख का अधिक उपयोग किया। इसके साथ ही उन्होंने फर्श को कुरेदने और सूंघने जैसे व्यवहार भी प्रदर्शित किए जो तनाव को दर्शाते हैं। इसके विपरीत, जब उनको दिखाया गया मॉडल मुस्करा रहा था तो वास्तविक व्यक्ति के सामने आने पर उन्होंने दाईं आंख का अधिक इस्तेमाल किया। इससे पता चलता है कि घोड़ों को याद रहा कि पहली मुलाकात में उस व्यक्ति का व्यवहार कैसा था।

अपने पैरों की टाप से गणितीय समस्याओं का हल बताने वाला घोड़ा

वैसे पहले भी घोड़ों की अद्भुत समझदारी के बारे में काफी चर्चा हुई है। बीसवीं सदी की शुरुआत में क्लेवर हैंस नाम का एक घोड़ा अपने पैरों की टाप से गणितीय समस्याओं का हल बताया करता था। बाद में पता चला था कि घोड़े को उसका प्रशिक्षक कुछ सुराग देता था कि उसे क्या करना है। वर्तमान प्रयोग में इस तरह की कोई चालबाज़ी नहीं थी।

घोड़े की जानकारी हिंदी में | Horse information in Hindi

कई अन्य जानवरों, जैसे भेड़ और मछली में मानव चेहरों को याद रखने की क्षमता पाई गई है। जंगली कौवा वर्षों तक उन लोगों का चेहरा याद रखते हैं जिन्होंने उसके साथ बुरा व्यवहार किया हो, और यहां तक वह अन्य कौवों को भी यह बात बता देता है।

इस प्रयोग से खास बात यह पता चली है कि घोड़े केवल तस्वीरों में लोगों की अभिव्यक्ति पर आधार पर राय बना सकते हैं। प्रूप्स के अनुसार यह कुछ ऐसा है जिसे पहले जानवरों में नहीं देखा गया है।

देशबन्धु में प्रकाशित पुराने लेख का संपादित रूप साभार

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