निर्दोष लोग जेल में हैं और सांप्रदायिक हिंसा फैलाने वाले आज़ाद घूम रहे हैं, न्यायपालिका ने आँख मूँद लीं हैं – जस्टिस काटजू

Innocent people are in jail and freedmen who spread communal violence, the judiciary is silent – Justice Katju

नई दिल्ली, 14 जून 2020. सर्वोच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश व प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन जस्टिस मार्कंडेय काटजू (Justice Markandey Katju, retired judge of Supreme Court and former chairman of Press Council of India) ने देश में जारी अन्याय पर आपत्ति जताते हुए न्यायपालिका की खामोशी (Silence of judiciary) पर सवालिया निशान उठाए हैं।

श्री काटजू ने कहा है कि,

“भारत में उलटी गंगा बह रही है। अखलाक, पहलू खान, तबरेज़ अंसारी की लिंचिंग हुई, उनके ही रिश्तेदारों पर मुक़दमे चल रहे हैं। निर्दोष लोग सफूरा ज़रगर, कफील खान, शरजील इमाम जेल में हैं। सांप्रदायिक हिंसा फैलाने वाले कपिल मिश्रा अनुराग ठाकुर आज़ाद घूम रहे हैं। न्यायपालिका ने आँख मूँद लीं।“

जस्टिस काटजू अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाते हैं और आजकल व्यवस्था को आईना दिखाने के लिए लगातार सक्रिय हैं।

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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