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स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के बच्चों को निःशुल्क ऑनलाइन ट्रेनिंग देगी इंटर्नशाला ट्रेनिंग्स

Internshala trainings will provide free online training to children of healthcare workers

नई दिल्ली, 26 मार्च, 2020: इंटर्नशाला ट्रेनिंग्स (Internshala trainings) ने भारत के स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के बच्चों को निःशुल्क ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रदान करने की घोषणा की है।

यह जानकारी देते हुए इंटर्नशाला ट्रेनिंग्स की सुनिधि ने बताया कि इस पहल द्वारा इंटर्नशाला, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में काम करने वाले उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करती है जो कोविड -19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। इन सभी कर्मचारियों के बच्चों को 15 अप्रैल 2020, लॉकडाउन समाप्त होने तक, इंटर्नशाला के ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम्स में नामांकन करने की मुफ्त सुविधा प्रदान की जाएगी।

उन्होंने बताया कि पब्लिक या प्राइवेट, सरकारी मान्यता प्राप्त अस्पताल में काम करने वाले कर्मियों जैसे – डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारी, एम्बुलेंस चालक, रिसेप्शनिस्ट, बिलिंग, डायग्नोस्टिक, व अस्पताल के किसी भी अन्य विभाग में कार्यरत लोगों के बच्चे, जो सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज (पब्लिक या प्राइवेट) में पढ़ रहे हैं, इस पहल का लाभ उठा सकेंगे। छोटी अवधि की इन ऑनलाइन ट्रेनिंग्स के माध्यम से छात्र, प्रोग्रामिंग, डेटा साइंस, बिज़नेस कम्युनिकेशन, डिज़ाइन, और क्रिएटिव राइटिंग सहित कई स्किल्स सीख सकते हैं। इस पहल के तहत, यह सुविधा पहले 1000 उपयुक्त छात्रों को प्रदान की जाएगी और धीरे-धीरे भारत के सभी छात्र जिनके माता या पिता स्वास्थ्य सेवा कर्मी हैं, इसका लाभ उठा पाएंगे।

इंटर्नशाला के संस्थापक और सी.ई.ओ., सर्वेश अग्रवाल ने इस पहल की घोषणा करते हुए कहा,

“इस कठिन परिस्थिति में जब हम अपने घरों में सुरक्षित हैं, हमारे स्वास्थ्य सेवा कार्यकर्ता कोविड -19 के रोगियों की जांच और चिकित्सा करने में अपना पूरा समय लगा रहे हैं तथा हमारी सुरक्षा और सेहत के लिए अपनी जान का जोखिम उठा रहे हैं। इस पहल के माध्यम से हम उनके बच्चों की सहायता कर उनका आभार व्यक्त करना चाहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा,

.”कोविड-19 की स्थिति में जब छात्र अपनी नियमित कक्षाओं में भाग नहीं ले पा रहे हैं, इस पहल के माध्यम से वे अपने समय का सही उपयोग कर एक नई स्किल सीख सकते हैं या एक प्रोजेक्ट बना सकते हैं।

यूनेस्को की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया में 1.37 बिलियन छात्र कोविड -19 के कारण स्कूल व कॉलेज नहीं जा पा रहे हैं इसलिए इस कठिन परिस्तिथि में, ऑनलाइन लर्निंग आगे बढ़कर छात्रों के लिये सहायक साबित हो सकती है।

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