योगी राज में  अदालत से गुनाह साबित होने से पहले ही मिल रही सजा – दारापुरी

आइपीएफ ने लखनऊ हिंसा मामले में की जा रही बेदखली की कार्रवाई का किया विरोध

लखनऊ, 1 जुलाई 2020, लखनऊ हिंसा के मामले में कल प्रशासन द्वारा धर्मवीर सिंह व माहेनूर चौधरी की सम्पत्ति जब्त कर बेदखल करने की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता एस. आर. दारापुरी ने कहा है कि योगी राज में कानून का राज नहीं चल रहा है. यहां गुनाह साबित होने से पहले ही सरकार द्वारा सजा दी जा रही है. सर्वोच्च न्यायालय तक ने साफ तौर पर कहा है कि सामुदायिक हिंसा के मामले में वसूली की कार्यवाही माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश या जिला न्यायधीश के द्वारा ही की जा सकती है। इसलिए एडीएम लखनऊ द्वारा वसूली का निर्णय माननीय सर्वोच्च न्यायालय की अवहेलना है.

प्रेस को जारी अपने बयान में श्री दारापुरी ने कहा कि इस संबंध में कई बार पत्रक दिए गये व प्रदेश के कई जिलों में तो ऐसे ही मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्थगनादेश दे रखा है. इतना ही नहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कोरोना महामारी को देखते हुए बेदखली की कार्रवाई पर पूर्णतया रोक लगाई हुई है. बावजूद इसके न्यायालयों की अवहेलना करते हुए सरकार सम्पत्ति जब्त कर बेदखली की कार्यवाही करा रही है.

उन्होंने कहा कि नैसर्गिक न्याय और भारतीय न्याय प्रणाली के विरुद्ध जाकर योगी की सरकार और उसका प्रशासन बिना गुनाह साबित हुए ही सजा दे रहा है. यही नहीं वसूली की कार्रवाई 19 दिसंबर के बाद लागू हुए वसूली संबंधी अध्यादेश के अंतर्गत की जा रही है जो पूर्णतया विधि विरुद्ध है.

इसलिए उन्होंने कहा कि आतंक कायम कर राज करने का योगी मॉडल लोकतांत्रिक व्यवस्था को गहरा नुकसान पहुंचायेगा. सरकार को अपने संवैधानिक दायरे में काम करते हुए न्यायालय का सम्मान करना चाहिए और तत्काल प्रभाव से इस बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगानी चाहिए और कोरोना महामारी में तो कतई इस तरह की उत्पीड़नात्मक कार्यवाही नहीं करनी चाहिए.

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
उपाध्याय अमलेन्दु:
Related Post
Leave a Comment
Recent Posts
Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
Donations