Home » समाचार » देश » क्या चिदंबरम को आगे करके कांग्रेस आत्महत्या कर रही है ?
P Chidambaram

क्या चिदंबरम को आगे करके कांग्रेस आत्महत्या कर रही है ?

Is Congress committing suicide by forwarding Chidambaram?

नई दिल्ली, 09 जनवरी 2020. क्या चिदंबरम को आगे करके कांग्रेस आत्महत्या कर रही है ? यह सवाल भाजपा  विरोधी खेमे में पूछा जा रहा है। दरअसल देश के संविधान पसंद लोगों का एक बड़ा तबका भाजपा से टक्कर लेने के लिए कांग्रेस की तरफ आशा भरी नज़रों से देख रहा है, लेकिन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के लाख प्रयास के बावजूद भी कांग्रेस अभी भी सामंती रीतियों में जकड़ी हुई है, जिसके चलते भाजपा का विकल्प तैयार नहीं हो पा रहा है।

कहा जा रहा है कि आर्थिक मसलों पर चिदंबरम, मोदी सरकार को घेर रहे हैं बहुत अच्छा है, लेकिन कांग्रेस यह क्यों भूल जा रही है कि मोदी के केंद्र में आने के लिए भी मनमोहन सिंह और चिदंबरम की नीतियां ही जिम्मेदार हैं।

इस बावत गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार ने अपनी फेसबुक टाइम लाइन पर लिखा है और उसमें कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के यूपी के अध्यक्ष शाहनवाज आलम को चिदंबरम की करतूतों की याद दिलाई है। सनद रहे शाहनवाज आलम चिदंबरम की करतूतों के खिलाफ रिहाई मंच के बैनर तले लंबे समय तक मुहिम चलाते रहे हैं।

हिमांशु कुमार ने जो लिखा है, उसका मजमून निम्न है –

“कल मैं कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस देख रहा था जो जेएनयू पर एबीवीपी के गुंडों के हमले के खिलाफ की गई थी

इस प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करने के लिए पी चिदंबरम को कांग्रेस ने आगे किया था

क्या कांग्रेस आत्महत्या के मूड में है?

चिदंबरम वह व्यक्ति है जिसने गृहमंत्री रहते हुए निर्दोष मुसलमानों को जेलों में डाला लियाकत का मामला आपको याद होगा जिसके कमरे में दिल्ली पुलिस ने खुद ले जाकर एके-47 रखी थी

इंडियन मुजाहिदीन नाम के काल्पनिक संगठन की स्थापना चिदंबरम के होम मिनिस्टर रहते हुए होम मिनिस्ट्री के भीतर की गई थी

हमारे यूपी के साथी शाहनवाज आलम को याद होगा कि आजमगढ़ के सरायमीर स्टेशन को उड़ाने की एक चिट्ठी होम मिनिस्ट्री ने प्रकाशित करी थी लेकिन सरायमीर स्टेशन वालों को यह पता ही नहीं था कि उनको कोई ऐसी धमकी भी मिली है

मुसलमानों के खिलाफ पूरा माहौल क्रिएट करना, सरकारी खुफिया एजेंसियों तथा सुरक्षा एजेंसियों का इस्तेमाल एक्टिविस्ट के खिलाफ करना यह सब चिदंबरम की कार्यशैली थी

लेकिन अब कांग्रेस को अब एक बहुत बड़ी भूमिका के लिए तैयार होना होगा

चिदंबरम जैसे पूजीपतियों के दलाल अब कांग्रेस को सत्ता में दोबारा वापस नहीं ला सकते

जनता इन्हें अच्छी तरह पहचानती है

राहुल और प्रियंका ईमानदारी से बहुत मेहनत कर रहे हैं संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए

लेकिन कांग्रेस के यह घाघ और बेईमान नेता कांग्रेस को जीतने नहीं देंगे

यह कांग्रेस की हार का कारण बनेंगे

कांग्रेस को अब आउट ऑफ दी बाक्स सोचना चाहिये

देश में जो भी लोकतांत्रिक प्रगतिशील लोग हैं कांग्रेस को जाकर उन लोगों से खुद मिलना चाहिए

कांग्रेस को इन लोगों को साथ लेकर लोकतंत्र संविधान और धर्मनिरपेक्षता को बचाने की कोशिश करनी चाहिए

हस्तक्षेप के संचालन में मदद करें!! 10 वर्ष से सत्ता को दर्पण दिखाने वाली पत्रकारिता, जो कॉरपोरेट और राजनीति के नियंत्रण से मुक्त भी हो, के संचालन में हमारी मदद कीजिये. डोनेट करिये.
 
 भारत से बाहर के साथी पे पल के माध्यम से मदद कर सकते हैं। (Friends from outside India can help through PayPal.) https://www.paypal.me/AmalenduUpadhyaya

कांग्रेस अगर ऐसा करती है तो एक नई कांग्रेस का जन्म होगा

कांग्रेस पर अतीत के बहुत सारे अपराधों का बोझ है

कांग्रेस को इन पुराने अपराधी नेताओं को पीछे करके नए नेताओं को कांग्रेस में शामिल करने की गुजारिश करनी चाहिए

भंवर मेघवंशी एसआर दारापुरी जैसे दलित नेताओं को शामिल करना चाहिए

सोनी सोरी, दयामनी बारला जैसी आदिवासी महिलाओं को कांग्रेस में शामिल करना चाहिए

योगेंद्र यादव कन्हैया कुमार और प्रशांत भूषण जैसे लोगों से गुजारिश करनी चाहिए कि वे आए और कांग्रेस को मार्गदर्शन दें

यह वक्त पुरानी लड़ाइयां को याद रखने का नहीं है

यह देश को बचाने का वक्त है

इंसानियत लोकतंत्र संविधान को बचाने का वक्त है

कांग्रेस को प्रगतिशील पत्रकारों सोशल एक्टिविस्ट के लिए अपने दरवाजे खोल देने चाहिए

उमर खालिद नदीम खान और सदफ जफर जैसे लोगों को कांग्रेस को इस बार सारे देश में धर्मनिरपेक्षता के लिए माहौल पैदा कर दें जिम्मेदारियां दी जानी चाहिए

आज राहुल गांधी या प्रियंका गांधी से मिलने के लिए उनके प्राइवेट सेक्रेटरीओं से अपॉइंटमेंट लेने पड़ रहे हैं और वह मिल नहीं रहे हैं

इन प्राइवेट सेक्रेटरीओं को एक तरफ कीजिए

राहुल और प्रियंका को खुद इन सारे लोगों से जाकर के मिलना चाहिए

इन सब को बुलाकर इनसे बात करके प्रार्थना करनी चाहिए कि वह आए और इस देश को संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए इस मुहिम में एक साथ आकर काम करें

यही वक्त की मांग है।“

हस्तक्षेप के संचालन में मदद करें!! सत्ता को दर्पण दिखाने वाली पत्रकारिता, जो कॉरपोरेट और राजनीति के नियंत्रण से मुक्त भी हो, के संचालन में हमारी मदद कीजिये. डोनेट करिये.
 

हमारे बारे में hastakshep

Check Also

Modi in Gamchha

गहरे संकट में अर्थव्यवस्था : जीडीपी का 34% पहुंच चुका है भारत सरकार का वित्तीय घाटा !

नई दिल्ली, 03 जुलाई 2020. भारत की विकास दर (India’s growth rate) रसातल में पहुंच …

Leave a Reply