डॉ. कफील मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का योगी सरकार को हुक्म – एनएसए गैरकानूनी, तुरंत रिहा करें, प्रियंका ने बधाई दी

डॉ. कफील पर NSA लगाना गैरकानूनी, तुरंत रिहा करें, इलाहाबाद उच्चन्यायालय का आदेश

It is illegal to impose NSA on Dr. Kafeel, Release immediately, order of Allahabad HC

प्रयागराज/ लखनऊ, 01 सितंबर 2020. प्राप्त जानकारी के अनुसार गोरखपुर के डॉक्टर कफील खान के ऊपर से एनएसए हटाने का आदेश दिया गया है.. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एनएसए हटाने का आदेश जारी करते हुए डॉक्टर कफील खान को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिया है.

बता दें कि डॉ. कफील पर रासुका, लगाने को चुनौती दी गई थी. डॉ कफील की मां नुजहत परवीन की ओर से बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई थी.

दरअसल, डॉ कफील पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी को लेकर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में एनएसए के तहत कार्रवाई की गई थी. डीएम अलीगढ़ ने नफरत फैलाने के आरोप में डॉ. कफील पर NSA लगाया था. पिछले कई महीनों से कफील खान मथुरा जेल में बंद हैं.

आज इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डॉ कफील खान से रासुका हटाकर उनकी रिहाई का आदेश दिया।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस आदेश पर कहा,

“आशा है कि यूपी सरकार कफील खान को बिना किसी विद्वेष के अविलंब रिहा करेगी।

कफील खान की रिहाई के प्रयासों में लगे तमाम न्याय पसंद लोगों व अल्पसंख्यक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को मुबारकबाद।“

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
उपाध्याय अमलेन्दु:
Related Post
Recent Posts
Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
Donations