माले ने मीडिया संस्थानों पर आईटी छापे की निंदा की, कहा यह खुली तानाशाही

भाकपा (माले) ने कहा, यह सरकार की प्रेस की आजादी पर हमला है

लखनऊ, 22 जुलाई। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी – लेनिनवादी)भाकपा (माले) की राज्य इकाई ने दैनिक भास्कर और लखनऊ के भारत समाचार टीवी चैनल के संपादक के घर पर गुरुवार को आयकर विभागों के छापों की कड़ी निंदा की है।

पार्टी (COMMUNIST  PARTY  OF  INDIA  (MARXIST – LENINIST) ने इसे प्रेस की आजादी पर हमला बताया है और भाजपा शासन में अघोषित आपातकाल का प्रतीक कहा है।

माले के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि आलोचना और असहमति मोदी-योगी की सरकार को पसंद नहीं है। ये सरकारें नहीं चाहतीं कि उनके राजकाज की असलियत मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचे। अगर किसी मीडियाकर्मी ने रीढ़ दिखाने की कोशिश की, तो उसका हस्र छापों में, गलत तरीके से फंसाने में और सलाखों के पीछे भेजने तक में होता है। संघ-भाजपा के लोकतंत्र का मतलब उनकी हां में हां मिलाना रह गया है।

कामरेड सुधाकर ने कहा कि दैनिक भास्कर और भारत समाचार चैनल ने मोदी और योगी सरकार की गुजरे मार्च-मई में कोरोना कुव्यवस्था का पर्दाफाश किया था और दोनों सरकारों के झूठे दावों की पोल खोली थी। तभी से ये उनके निशाने पर थे। ये छापे आयकर मामलों के आवरण में दरअसल राजनीतिक कारणों से डलवाए गए हैं। यह खुली तानाशाही है।

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