रामसेतु पर सुब्रमण्यम स्वामी को जस्टिस काटजू ने लताड़ लगाई, कहा अपना बुद्धिहीन ऊटपटांग बंद करें

रामसेतु पर सुब्रमण्यम स्वामी को जस्टिस काटजू ने लताड़ लगाई, कहा अपना बुद्धिहीन ऊटपटांग बंद करें

Justice Katju slammed Subramaniam Swamy on Ram Sethu, said stop your fatuous humbug

नई दिल्ली, 25 जनवरी 2020. अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू (Justice Markandey Katju, retired judge of the Supreme Court) ने भाजपा के राज्यसभा सदस्य और मोदी सरकार के स्वयंभू अर्थशास्त्री सुब्रमण्यम स्वामी को उनके रामसेतु पर व्यक्त किए गए उद्गार पर फटकार लगाते हुए कहा है कि उन्हें (स्वामी को) अपना बुद्धिहीन ऊटपटांग बंद कर देना चाहिए।

दरअसल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर कर राम सेतु को एक प्राचीन ऐतिहासिक स्मारक के रूप में मान्यता देने के उनके आवेदन की जल्द सुनवाई की मांग की है। शीर्ष अदालत ने स्वामी से तीन महीने के बाद इस मामले का उल्लेख करने को कहा है और केंद्र को हलफनामा दाखिल कर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।

स्वामी ने इस बाबत एक खबर का लिंक पोस्ट करते हुए ट्वीट किया

“राम सेतु को प्राचीन ऐतिहासिक स्मारक घोषित करने के लिए सरकार से कहें: एससी को स्वामी – पीएम को क्या रोक रहा है?”

इस पर जस्टिस काटजू ने स्वामी के ट्वीट का उत्तर भी दिया और इसकी सूचना अपने सत्यापित फेसबुक पेज पर दी। उन्होंने लिखा,

“सुब्रमण्यम स्वामी, जो एक महान बौद्धिक व्यक्ति होने का ढोंग करते हैं, ने ट्वीट किया कि राम सेतु को एक प्राचीन ऐतिहासिक स्मारक घोषित किया जाना चाहिए।

यह मैंने प्रतिक्रिया में ट्वीट किया है :

राम सेतु को एक प्राचीन ऐतिहासिक स्मारक घोषित करना प्रतिक्रियावादी बकवास है, और हमें दुनिया में हंसी का पात्र बना देगा। यह समय है जब आप बुद्धिहीन ऊटपटांग बंद करें।“

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