तूतीकोरिन की घटना पर जस्टिस काटजू ने जस्टिस मुल्ला की टिप्पणी पुलिस अपराधियों का संगठित गिरोह है, को याद किया

Justice Markandey Katju

नई दिल्ली, 30 जून 2020. सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू (Justice Markandey Katju, retired Supreme Court judge) ने तूतीकोरन की घटना पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय के तत्कालीन जज जस्टिस एएन मुल्ला की टिप्पणी पुलिस अपराधियों का संगठित गिरोह है, को याद किया है।

जस्टिस काटजू ने कहा है कि –

तूतीकोरिन की घटना जिसमें पिता और पुत्र पुलिसकर्मियों द्वारा मारे गए थे, हमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एएन मुल्ला की टिप्पणी (यूपी राज्य बनाम मोहम्मद नईम) की याद दिलाता है:

“मैं  जिम्मेदारी के सभी अर्थों के साथ कहता हूं, पूरे देश में एक भी कानूनविहीन समूह नहीं है जिसका अपराध का रिकॉर्ड अपराधियों के संगठित गिरोह भारतीय पुलिस बल की तुलना में कहीं भी ठहरता हो।”

(“There is not a single lawless group in the whole country whose record of crime comes anywhere near the record of that organised unit known as the Indian police force “)

बता दें जस्टिस आनंद नारायण मुल्ला (ANAND NARAYAN MULLA), इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक प्रमुख न्यायाधीश थे व 4 वीं लोकसभा के सदस्य थे।

मुल्ला लखनऊ में पैदा हुए एक कश्मीरी पंडित थे। उनके पिता जगत नारायण मुल्ला प्रमुख वकील और लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति थे। 1946 और 1952 के बीच, वह भारत-पाक ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष और 1954 और 1961 के बीच इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे।

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