Home » Latest » तेरी संस्कृति के क़िस्से/ मुझसे और नहीं बाले जाते/ तुझसे दो कौड़ी के छोरे/ तलक नहीं संभाले जाते…
Say no to Sexual Assault and Abuse Against Women

तेरी संस्कृति के क़िस्से/ मुझसे और नहीं बाले जाते/ तुझसे दो कौड़ी के छोरे/ तलक नहीं संभाले जाते…

बड़े ही स्याह मंज़र हैं

उनके फेंके…

किसी रंग की रौशनी

यहाँ तक पहुँचती ही नहीं

मैं क्या करूँ..?

कैसे दिखाऊँ…?

यह मंज़र

क्या ले जाऊँ..

इन मासूमों को घसीट कर..

लाल क़िले की प्राचीर तक..

या फिर

एय लाल क़िले

तुझे उठा कर ले आऊँ

इस अंधे कुएँ की मुँडेर तलक

कैसे चीख़ूँ कि

तमाम ज़ख़्मी जिस्मों की चीख़

से थर्रा उठे तू

तू छोड़

चीन पाकिस्तान

एय बेशर्म

हुकूमत…

बंद कर …

सरहदों पर अपने

तीखे तेवरों की नुमाइश

अखबारों की काली स्याही में छपे

अपने शौर्य के शग़ल

तेरी संस्कृति के क़िस्से

मुझसे और नहीं बाले जाते

तुझसे दो कौड़ी के छोरे

तलक नहीं संभाले जाते…

डॉ. कविता अरोरा

डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora) कवयित्री हैं, महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली समाजसेविका हैं और लोकगायिका हैं। समाजशास्त्र से परास्नातक और पीएचडी डॉ. कविता अरोरा शिक्षा प्राप्ति के समय से ही छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं।
डॉ. कविता अरोरा (Dr. Kavita Arora) कवयित्री हैं, महिला अधिकारों के लिए लड़ने वाली समाजसेविका हैं और लोकगायिका हैं। समाजशास्त्र से परास्नातक और पीएचडी डॉ. कविता अरोरा शिक्षा प्राप्ति के समय से ही छात्र राजनीति से जुड़ी रही हैं।

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

congress manifesto committe

बिग ब्रेकिंग : दिल्ली में यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस मेनिफेस्टो कमेटी की बैठक

दिल्ली में यूपी के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस  मेनिफेस्टो कमेटी की बैठक. यूपी …

Leave a Reply