संकट के समय बयानबाजी की राजनीति से बाहर निकलें केजरीवाल, इधर भी ध्यान दें

संकट के समय बयानबाजी की राजनीति से बाहर निकलें केजरीवाल, इधर भी ध्यान दें

Kejriwal should quit politics of rhetoric during crisis, pay attention here too

नई दिल्ली, 09 अप्रैल 2020. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल संकट के समय भी ओछी राजनीति करने में परंपरागत राजनीतिज्ञों को मात देते दिखाई देते हैं। लोकलुभावन घोषणाएं करने में कुछ नहीं जाता है, लेकिन इन घोषणाओं पर दस फीसदी ही अमल कर लिया जाए तो केजरीवाल जी की इस देश पर बड़ी कृपा होगी।

प्रगतिशील महिला संगठन से जुड़ी सामाजिक राजनैतिक कार्यकर्ता पूनम कौशिक एडवोकेट ने लगातार ट्वीट करके कहा है कि –

दिल्ली के श्रमिक और उनके परिवार के सदस्य, बच्चे पिछले 12 दिनों से लगभग आधे भूखे हैं। दिल्ली सरकार को तेजी से काम करना चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों को खिलाने के लिए पका भोजन पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने कहा है –

अगर साइट आज शाम तक काम करना शुरू नहीं करती है, तो आधार कार्ड और परिवार के फोटो के आधार पर डोर स्टेप डिलीवरी दिल्ली के वर्कर्स को भूख से बचाने के लिए शुरू की जानी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा,

राशन के लिए ईकूपन का उपयोग करना दिल्ली के हजारों मजदूरों के लिए बड़ी समस्या है। बड़ी संक्या में परिवार इस सुविधा का लाभ उठाने में असमर्थ हैं।

 

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