Home » समाचार » देश » उभ्भा में किया जमीन का वितरण अवैधानिक, सरकार दमन पर उतारू – राजेंद्र सिंह गोंड
Rajendra Singh Gond

उभ्भा में किया जमीन का वितरण अवैधानिक, सरकार दमन पर उतारू – राजेंद्र सिंह गोंड

डीएम को पत्र भेज किया विधि के अनुरूप कार्यवाही का निवेदन – मजदूर किसान मंच

Land distribution done in Umbha is illegal, government suppresses opposition – Rajendra Singh Gond

घोरावल, सोनभद्र, 17 जुलाई 2020, उभ्भा में आदिवासियों के नरसंहार के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज मजदूर किसान मंच ने जिला अधिकारी को पत्र भेजकर मुख्यमंत्री के वादे पूरा करने और गांव में जमीन के आवंटन में अपनाई गई गैर कानूनी और दमनकारी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है.

मजदूर किसान मंच के जिला महासचिव और उभ्भा गांव के निवासी राजेंद्र सिंह गोंड समेत ग्रामीणों के हस्ताक्षर से भेजे पत्र में डीएम से गांव में आतंक राज को खत्म करने की अपील भी की गई है.

पत्र में कहा गया कि उभ्भा गांव में जमीन का वितरण उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता और पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत किया गया है. विधिक प्रक्रिया यह है कि गांव की भूमि प्रबंधन समिति द्वारा प्रस्ताव लेकर ही जमीन का पट्टा किया जाता है लेकिन इस विधिक प्रक्रिया को प्रशासन ने नहीं अपनाया और मनमर्जी पूर्ण ढंग से जमीन का आवंटन कर दिया. हालत यह है कि मृतकों तक को खेती की जा रही जमीन से बेदखल कर पहाड़ और पठार की जमीनें पट्टा कर दी गई हैं. जो लोग जमीन पर पुश्तैनी रूप से खेती कर रहे थे, उन्हें बेदखल कर उसे दूसरे के नाम आवंटित कर दिया गया. इस पर विरोध करने पर शांति भंग के मुकदमे कायम किए जा रहे हैं और प्रशासन द्वारा लगातार लोगों को धमकी दी जा रही है. आज तो हद हो गई उभ्भा नरसंहार के एक वर्ष पूरा होने पर पूरे गांव को ही नजरबंद कर दिया गया है, यहां तक कि लोगों को अपने कामों पर भी जाने नहीं दिया जा रहा है. वहीं मुख्यमंत्री के विद्यालय बनाने समेत तमाम वादे पूरे नहीं किए गए हैं.

ऐसी स्थिति में मजदूर किसान मंच ने गांव में आतंक का राज खत्म करने की मांग की है और प्रशासन से विधिक प्रक्रिया अपनाने की अपील की है. ताकि प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण  गांव में व्याप्त तनाव समाप्त हो और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक माहौल कायम हो सके.

पाठकों से अपील

“हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें

 

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

paulo freire

पाओलो फ्रेयरे ने उत्पीड़ियों की मुक्ति के लिए शिक्षा में बदलाव वकालत की थी

Paulo Freire advocated a change in education for the emancipation of the oppressed. “Paulo Freire: …