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एंटोनियो गुटेरेस संयुक्त राष्ट्र के महासचिव, António Guterres Secretary-General of the United Nations

यूएनओ ने कोरोना को बताया द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी चुनौती, ढाई करोड़ हो जाएंगे बेरोजगार

LAUNCH OF REPORT ON SOCIO-ECONOMIC IMPACTS OF COVID-19,

The recovery from the COVID-19 crisis must lead to a different economy.

नई दिल्ली, 01 अप्रैल 2020. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (António Guterres, Secretary-General of the United Nations,) ने कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण को द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती करार देते हुए इसके कारण होने वाली आर्थिक मंदी को लेकर आगाह किया है।

मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में कोरोना संक्रमण के कारण दुनिया पर पड़ने वाले सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों से संबंधित एक रिपोर्ट को जारी करते हुए श्री गुटेरेस ने कहा,

“कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी का विभिन्न सामाजिक वर्गों पर गंभीर असर हो रहा है जिसके कारण लोग मर रहे हैं और उनकी जीविका समाप्त हो रही है। संयुक्त राष्ट्र के गठन के बाद कोविड-19 अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है जिसका हम सभी सामना कर रहे हैं।”

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सभी देशों से मिलकर स्वास्थ्य क्षेत्र में समन्वय के साथ काम कर इस महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने और इसे समाप्त करने की भी अपील की है।

गुटेरेस ने औद्योगिक रूप से विकसित देशों से विकासशील देशों की मदद करने का आग्रह किया है।

Outbreak of Corona virus could lead to 20 million jobs loss worldwide

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण दुनिया भर में दो करोड़ 50 लाख नौकरियां जा सकती हैं। इसके अलावा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में भी 40 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है।

जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) के मुताबिक पूरे विश्व में अब तक 852,366 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं जबकि 41,918 लोगों की मौत हो चुकी है।

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