Home » Latest » लॉकडाउन है, मोरल डाउन नहीं ! तम से क्या घबराना, सूरज रोज निकलता है
लॉकडाउन में कवि, लॉकडाउन, लॉकडाउन है, मोरल डाउन नहीं, वर्क फ्रॉम होम, Poet in lockdown, lockdown, There is lockdown, not moral down, work from home,

लॉकडाउन है, मोरल डाउन नहीं ! तम से क्या घबराना, सूरज रोज निकलता है

Lockdown, not Moral Down!

नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2020.  मंच के लोकप्रिय कवियों ने ‘वर्क फ्रॉम होम’ करते हुए एक (सीक्वल) सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण एक वीडियो तैयार किया है।

शिशुपाल सिंह ‘निर्धन’ जी के इस गीत को डॉ. विष्णु सक्सेना और सुश्री मुमताज़ नसीम ने स्वरबद्ध किया है। श्री अरुण जैमिनी का समन्वय; चिराग़ जैन का  संयोजन/निर्देशन और डॉ. अशोक चक्रधर के अनुभवी मार्गदर्शन के साथ श्री गीत जैमिनी और जनाब मो. वसीम की तकनीकी क्षमताओं ने वीडियो को प्रसारणीय बनाया।

वीडियो में जिन कवियों को आप देख रहे है उनमें क्रमशः डॉ. अशोक चक्रधर,  विनीत चौहान, डॉ. सरिता शर्मा,  सुदीप भोला, डॉ. हरिओम पँवार, चिराग़ जैन,  रमेश मुस्कान, डॉ. कीर्ति काले,  अरुण जैमिनी, सुश्री मनीषा शुक्ला,  शंभू शिखर,  दिनेश रघुवंशी, सुश्री मुमताज़ नसीम और डॉ. विष्णु सक्सेना शामिल हैं।

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

maya vishwakarma

भाजपा राज में अस्पतालों की दुर्दशा, एनआरआई सोशल एक्टिविस्ट का शिवराज को खुला पत्र हुआ वायरल

Plight of hospitals under BJP rule, NRI social activist’s open letter to Shivraj goes viral …