भारत बंद के समर्थन करने से रोकने को लोकमोर्चा संयोजक अजीत सिंह यादव गिरफ्तार

किसानों का आंदोलन अब पूरे देश का जनांदोलन बन गया है। संघ -भाजपा की मोदी सरकार लुटेरे कारपोरेट घरानों अम्बानी -अडानी और अमेरिकी कंपनियों की गुलामी कर किसानों, मजदूरों, गरीबों समेत आम जनता और देश से गद्दारी कर रही है।

लोकमोर्चा संयोजक अम्बेडकर पार्क से दोपहर 12 बजे पदयात्रा में शामिल होने पर अड़े थे

किसान हितों के लिए संघर्ष अंतिम दम तक   – अजीत यादव

बदायूँ, 8 दिसम्बर, 2020 : मोदी सरकार के किसान विरोधी तीन काले कानूनों के विरुद्ध किसान आंदोलन के 8 दिसंबर को भारत बंद का समर्थन करने से लोकमोर्चा संयोजक अजीत सिंह यादव को रोकने के लिए उनके घर पर सुबह से ही भारी पुलिसबल तैनात कर नजरबंद कर दिया गया था। लोकमोर्चा संयोजक का बदायूँ के अम्बेडकर पार्क से दोपहर 12 बजे पदयात्रा शुरू कर बदायूँ वासियों से भारत बंद का समर्थन करने की अपील करने का कार्यक्रम था।पदयात्रा अम्बेडकर पार्क से लबेला चौराहा,  छह सडका,  लालपुल होते हुए कचहरी पहुंचनी थी, जहां जिलाधिकारी को मांगपत्र सौंपा जाना था।

लोकमोर्चा संयोजक अजीत सिंह यादव ने नजरबंदी को गैरकानूनी बताया और  लोकतंत्र की हत्या कहा। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन से डरी योगी सरकार तानाशाही पर उतर आई है। नागरिकों के अभिव्यक्ति के संवैधानिक लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंट कर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है ।

उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन अब पूरे देश का जनांदोलन बन गया है। संघ -भाजपा की मोदी सरकार लुटेरे कारपोरेट घरानों अम्बानी -अडानी और अमेरिकी कंपनियों की गुलामी कर किसानों,  मजदूरों,  गरीबों समेत आम जनता और देश से गद्दारी कर रही है। वह किसानों, मजदूरों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों समेत आम जनता के खिलाफ काले कानून बना रही है। देश की संपदा, संसाधनों,  रेलवे -बीमा -बैंक समेत पब्लिक सेक्टर के उपक्रमों,  जल,  जंगल, जमीन,  खेती किसानी समेत जनता की पूंजी पर देशी विदेशी बड़ी कारपोरेट कंपनियों का कब्जा करवा रही है। इस कारपोरेट लूट के विरुद्ध देश की जनता एकजुट न हो सके इसके लिए संघ -भाजपा और मोदी सरकार समाज में नफरत फैलाने,  साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण करने और लोकतंत्र को खत्म कर तानाशाही लादने की फासीवादी परियोजना पर काम कर रहे हैं।

मोदी सरकार ने खेती किसानी और कृषि खाद्यान्न बाजार पर देशी विदेशी कारपोरेट कंपनियों का कब्जा कराने को कृषि के  तीन काले कानून पारित किए हैं। किसान आंदोलन खेती किसानी और कृषि खाद्यान्न बाजार को कारपोरेट कंपनियों के कब्जे से बचाने के लिए चल रहा है। उन्होंने कहा कि लोकमोर्चा किसानों के आंदोलन का पूरी तरह समर्थन करता,  उन्होंने समाज के सभी वर्गों,  आम नागरिकों से किसान आंदोलन के आह्वान पर 8 दिसंबर को भारत बंद को सफल बनाने की अपील की है।

यह जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।

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उपाध्याय अमलेन्दु:
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