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President of India, Shri Ram Nath Kovind at the Joint Session of Parliament (Budget Session)

जनद्रोही सरकार द्वारा अपने जनद्रोही रवैये की प्रतिरक्षा के लिए राष्ट्रपति से संसद में बंचवाया गया अभिभाषण !

Madhuban Dutt Chaturvedi (Advocate) response to the President’s address to the Joint Session of Parliament (Budget Session)

संसद के संयुक्त अधिवेशन (बजट सत्र) में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर मधुवन दत्त चतुर्वेदी (एडवोकेट) की प्रतिक्रिया 

अभिभाषण पर !

विपक्ष द्वारा बहिष्कृत महामहिम का अभिभाषण गौर से देखिए ! उन्होंने गणतंत्र दिवस और तिरंगे के अपमान की बात की है जिसे ज्यादातर अखबारों ने उनकी रिपोर्टिंग की हैडलाइन बनाया है ! यह वक्तव्य शिखर से सतह तक के आरएसएस कैडर द्वारा किसान आंदोलन को बदनाम करने की कोशिशों को हवा देता हुआ प्रतीत हो रहा है ! इसमें गणतंत्र दिवस की पवित्रता पर आई खरोंच को रोक सकने के लिए उनकी सरकार की असफलता पर आत्मग्लानि नहीं है बल्कि तमाम तथ्यों के विपरीत साजिशी झुण्ड के समवेत रुदन को स्वर प्रदान किया गया है !

मोदी सरकार द्वारा तैयार किये गए इस अभिभाषण में कोविड प्रबंधों के लिए पीठ थपथपाई गयी है जबकि अविचारित और अनियोजित तरीके से, काफी बिलम्ब से भी, किये गए लॉक डाउन के दौरान मजदूरों के महा पलायन, मध्यवर्गीय पीड़ाओं, पुलिस उत्पीड़न तथा अर्थव्यवस्था की गंभीर क्षति के घाव अभी रिस रहे हैं।

महामहिम ने सतह के संघियों की उस दलील को दोहराया है कि यदि मोदी ये नहीं करते तो इस तबाही से बड़ी तबाही होती ! जबकि सत्य यह है कि जो तबाही हुई उसे रोका जा सकता था।

लॉक डाउन की आड़ में कॉरपोरेट को पहुंचाए गए असाधारण लाभों और जनता को पहुंचाई गई अपार क्षति के लिए सरकार के अपराधों पर पर्दा डाला गया है !

कुल मिलाकर जनद्रोही सरकार द्वारा अपने जनद्रोही रवैये की प्रतिरक्षा के लिए तैयार वक्तव्य देश के राष्ट्रपति से संसद में बंचवाया गया है !

(मधुवन दत्त चतुर्वेदी की एफबी टिप्पणी साभार)

Madhuvan Dutt Chaturvedi मधुवन दत्त चतुर्वेदी, लेखक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं।
Madhuvan Dutt Chaturvedi मधुवन दत्त चतुर्वेदी, लेखक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं।
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