Home » Latest » एक दिन में 35 हजार लोगों का भोजन चट कर सकता है टिड्डियों का झुंड
tiddi in Hindi, Grasshopper

एक दिन में 35 हजार लोगों का भोजन चट कर सकता है टिड्डियों का झुंड

Many countries suffer from locusts

बीजिंग, 1 मार्च 2020. हाल ही में, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया में टिड्डियों की आपदा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में व्यापक चिंता पैदा कर दी है। चीनी विशेषज्ञों ने कहा कि टिड्डियों के खतरे का सामना करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत किया जाना चाहिए।

यह बताया गया है कि एक वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करने वाला टिड्डियों का झुंड एक दिन में 35,000 लोगों का भोजन खा सकता है।

हाल के महीनों में, कई देश टिड्डियों से पीड़ित हैं। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य व कृषि संगठन द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, टिड्डी संकट पश्चिम अफ्रीका से पूर्वी अफ्रीका और पश्चिम एशिया से दक्षिण एशिया तक 20 से अधिक देशों में फैल चुकी है। इसका कुल प्रभावित क्षेत्र 1.6 करोड़ वर्ग किलोमीटर से अधिक है। रेगिस्तानी टिड्डियों ने अपने सीमा पार प्रवास के दौरान लाखों हेक्टेयर वनस्पतियों को खा लिया है, जो प्रभावित क्षेत्रों में पहले से ही असुरक्षित खाद्य सुरक्षा स्थितियों को बढ़ा रहे हैं।

विश्लेषकों का कहना है कि अगर नियंत्रण के लिए कोई उपाय नहीं किए गए तो इस साल जून तक रेगिस्तानी टिड्डियों की संख्या 500 गुना तक बढ़ सकती है और इसके अफ्रीका और एशिया के 30 देशों में फैलने की संभावना होगी।

Why is the locust disaster so serious?

यह टिड्डी आपदा इतनी गंभीर क्यों है?

चीनी कृषि विज्ञान अकादमी के शोधकर्ता चांग ज्येह्वा ने कहा कि यह 2018 से 2019 तक इन क्षेत्रों में आई बारिश से संबंधित है। पर्याप्त पानी रेगिस्तानी टिड्डियों के प्रजनन और वृद्धि के लिए अच्छा वातावरण बनाता है।

रेगिस्तानी टिड्डियों को दुनिया के सबसे विनाशकारी प्रवासी कीटों में से एक माना जाता है। वे हर दिन हवा में 150 किलोमीटर उड़ सकते हैं और लगभग 3 महीने तक जीवित रह सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि चीनी ऐतिहासिक डेटा में रेगिस्तान टिड्डी के नुकसान का कोई रिकॉर्ड नहीं है। सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थलाकृति, जलवायु वातावरण और टिड्डों की प्रवासी आदत जैसे कारकों के मुताबिक, रेगिस्तानी टिड्डियों को चीन को नुकसान पहुंचाने की संभावना काफी कम है।

चांग ज्येह्वा ने कहा कि अगर रेगिस्तानी टिड्डी चीन में प्रवेश करते हैं, चीन अपने नुकसान को कम करने में सक्षम है।

चांग के मुताबिक, टिड्डी विपत्ति केवल प्रभावित क्षेत्रों की समस्या नहीं, बल्कि एक वैश्विक समस्या भी है। विपत्ति की चेतावनी और प्रतिक्रिया लेने के अलावा, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण है।

बताया जाता है कि हाल के वर्षों में, चीन में टिड्डी की निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी क्षमता में लगातार सुधार हुआ है, रोकथाम व नियंत्रण प्रौद्योगिकी दुनिया के अग्रणी स्तर से संबंधित है, और टिड्डी की रोकथाम पर दवा रिजर्व भी अपेक्षाकृत पर्याप्त है।

(साभार-चाइना रेडियो इंटरनेशनल, पेइचिंग)

 

Notes –

The desert locust is a species of locust, a swarming short-horned grasshopper in the family Acrididae. It is one of the most devastating migratory pests in the world and it is highly mobile and feeds on large quantities of any kind of green vegetation, including crops, pasture, and fodder. Wikipedia

Topics – countries suffer from locusts, यह टिड्डी आपदा इतनी गंभीर क्यों है? , Why is the locust disaster so serious?, रेगिस्तानी टिड्डियों के प्रजनन, Breeding of desert locusts, Desert locusts are considered one of the world’s most destructive migratory pests, टिड्डा के बारे में जानकारी, टिड्डी दल का आक्रमण, टिड्डा इन इंग्लिश, टिड्डी चेतावनी संगठन, टिड्डे का पाचन तंत्र, टिड्डी meaning in english, रेगिस्तान टिड्डी, Desert locust, tiddi in Hindi, Grasshopper, Tiddi Dal Hindi News, Tiddi Dal Samachar, Tiddi Attack,

 

हमारे बारे में hastakshep

Check Also

पलाश विश्वास जन्म 18 मई 1958 एम ए अंग्रेजी साहित्य, डीएसबी कालेज नैनीताल, कुमाऊं विश्वविद्यालय दैनिक आवाज, प्रभात खबर, अमर उजाला, जागरण के बाद जनसत्ता में 1991 से 2016 तक सम्पादकीय में सेवारत रहने के उपरांत रिटायर होकर उत्तराखण्ड के उधमसिंह नगर में अपने गांव में बस गए और फिलहाल मासिक साहित्यिक पत्रिका प्रेरणा अंशु के कार्यकारी संपादक। उपन्यास अमेरिका से सावधान कहानी संग्रह- अंडे सेंते लोग, ईश्वर की गलती। सम्पादन- अनसुनी आवाज - मास्टर प्रताप सिंह चाहे तो परिचय में यह भी जोड़ सकते हैं- फीचर फिल्मों वसीयत और इमेजिनरी लाइन के लिए संवाद लेखन मणिपुर डायरी और लालगढ़ डायरी हिन्दी के अलावा अंग्रेजी औऱ बंगला में भी नियमित लेखन अंग्रेजी में विश्वभर के अखबारों में लेख प्रकाशित। 2003 से तीनों भाषाओं में ब्लॉग

नरभक्षियों के महाभोज का चरमोत्कर्ष है यह

पलाश विश्वास वरिष्ठ पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकर्मी हैं। आजीवन संघर्षरत रहना और दुर्बलतम की …