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Ayodhya Film Festival

अयोध्या फ़िल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन लगी ‘मास्साहब’ की कक्षा

अवाम का सिनेमा : अयोध्या फ़िल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन आयोजन में फिल्मों का मेला

फ़िल्म कलाकार आदित्य ओम ने की फिल्म निर्माण पर परिचर्चा Film artist Aditya Om discusses filmmaking

अयोध्या, 17 दिसंबर 2019 : अयोध्या फिल्म फेस्टिवल (Ayodhya Film Festival) के दूसरे दिन फिल्मों के प्रदर्शन का दौर शुरू हुआ तो शाम तक कई फिल्मों ने दर्शकों को आयोजन से जोड़े रखा। समारोह की पहली फ़िल्म ‘मास्साहब’ की कक्षा में प्राथमिक पाठशाला की सूरत बदलने के प्रयास को सभी ने सराहा।

अयोध्या फ़िल्म फेस्टिवल के 13 वें संस्करण में जहां 13 देशों से फिल्में आई थीं उसमें से 76 फिल्मों को ज्यूरी द्वारा चयन किये जाने के बाद तीन दिनों के अंदर मूकबधिर दिव्यांगों की कहानी को ‘सायलेंट’ नाम से डॉक्यूमेंट्री स्थानीय कलाकारों द्वारा बनाई गई। इस भवनात्मक फ़िल्म को दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं अभिनय करने वाले और उनके मूकबधिर साथी फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्म का प्रदर्शन देखने भी पहुंचे।

दूसरे सत्र में कलाकार आदित्य ओम संग दर्शकों की परिचर्चा का सत्र आयोजित किया गया। इसके बाद सांस्कृतिक आयोजन के क्रम में अवध इंटरनेशनल और एसएसवी स्कूल के छात्रों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। इसके बाद फिल्मों के प्रदर्शन का सिलसिला शुरू हुआ जो देर शाम तक जारी रहा।

आदित्य ओम संग संवाद : Dialogue with Aditya Om.

फ़िल्म कलाकार आदित्य ओम ने फ़िल्म प्रदर्शन के बीच परिचर्चा सत्र में दर्शकों से संवाद भी किया। कहा कि कलाकारों को कम और उनके काम को अधिक बोलना चाहिए। सरोकारी फिल्मों को दर्शकों द्वारा देखी जानी चाहिए ताकि सरोकारों से भी समाज का रिश्ता बना रहे। पूरी दुनिया में सामाजिक विषयों पर फ़िल्में बन रही हैं। आज आप फोन से भी फिल्में बना सकते हैं। दुनिया भर की फिल्में आज आपकी मुट्ठी में है। हम सभी यहां फिल्म देखने और दिखाने के लिए आए हैं ताकि लोगों को अधिकाधिक सरोकारी फिल्मों से जोड़ा जा सके। मेन स्ट्रीम बॉलीवुड में भी मनोरंजन से अलग हटकर फिल्में इन दिनों बन रही हैं। जल्द ही मेरी भी फिल्म ‘मैला’ भी आने वाली है जो सामाजिक फिल्म है। भाषा पर पकड़ को लेकर कहा कि दक्षिण और पश्चिम भारत में लगभग तीन भाषा लोग जानते हैं। वहां फिल्मों से जुड़े लोगों के लिए यह फायदेमंद साबित हुआ है, उत्तर भारत में भी सिनेमा से जुड़ने की अगर आपकी इच्छा है तो भाषा पर पकड़ भी जरूरी है।

अयोध्या फ़िल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन रही मौजूदगी

फ़िल्म समारोह के दूसरे दिन तेलुगू फ़िल्म अभिनेता आदित्य ओम, कॉस्ट्यूम डिजाइनर मीनू अरोड़ा, इंजीनियर राज त्रिपाठी, रागिनी सिंह, हिमांशु शेखर परिदा, ओम प्रकाश सिंह, रानी अवस्थी, उत्कर्ष सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं मंच संचालन जनार्दन पांडेय बबलू पंडित ने किया।

अयोध्या फ़िल्म फेस्टिवल के तीसरे दिन फिल्मों का प्रदर्शन

अम्बेसडर ऑफ सोशलिज्म डॉ. लोहिया, धुत, स्पर्श, धागड़, लेवल 13, गॉड लव्स पाइप, द इनोसेंट ड्रीम, द लास्ट ड्रीम, शुभारंभ, काक बगोदा, रिक्शावाला, मेजेस्टी।

अयोध्या फ़िल्म फेस्टिवल के तीसरे दिन का आयोजन :

समारोह के तीसरे दिन समारोह अवध विश्वविद्यालय के विवेकानन्द सभागार में सुबह साढ़े दस बजे से फिल्मों का प्रदर्शन शुरू होगा। समापन समारोह शाम तीन बजे होगा जिसमें फिल्म निर्देशक प्रकाश झा, अभिनेता ऋषि भूटानी, अर्फी लाम्बा, सम्भावना सेठ, अजय महेंद्रू, संदीप आनन्द और अविनाश द्विवेदी शामिल होंगे।

अयोध्या फ़िल्म फेस्टिवल के आयोजक बोले :

समारोह के दूसरे दिन सरोकारी सिनेमा का क्रम जारी रहा। दर्शकों का रुझान हौसला बढ़ाने वाला साबित हुआ है। आखिरी दिन सिनेमा जगत के दिग्गजों का जमावड़ा अयोध्या में फिल्मों को लेकर नई समझ बनेगी।

– शाह आलम, आयोजक।

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