मायावती ने सीबीआई और ईडी के डर से नहीं लड़ा चुनाव : राहुल गांधी

मायावती ने सीबीआई और ईडी के डर से नहीं लड़ा चुनाव : राहुल गांधी

Mayawati did not contest elections out of fear of CBI and ED: Rahul Gandhi’s big statement

नई दिल्ली, 9 अप्रैल 2022. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य राहुल गांधी (Rahul Gandhi, former Congress President and Lok Sabha member from Wayanad, Kerala) ने दावा किया है कि कांग्रेस पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को गठबंधन करने का न्यौता दिया था लेकिन उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दबाव व डर की वजह से उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा।

आज ‘द दलित ट्रुथ’ किताब की लॉन्चिंग के अवसर पर दिल्ली के जवाहर भवन में राहुल गांधी ने कहा कि ‘संस्थान के बिना संविधान’ का कोई मतलब नहीं है। क्योंकि संस्थान के बिना संविधान को लागू नहीं किया जा सकता।

श्री गांधी ने दावा किया कि देश के सब के सब संस्थान आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हाथों में हैं।

मायावती का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, हमने मायावती जी को मैसेज दिया गठबंधन करिए, मुख्यमंत्री बनिए, उन्होंने बात तक नहीं की। सीबीआई और ईडी से डरती हैं वो। कांशीराम जी ने दलितों को आवाज दी, दलितों को जगाया लेकिन आज मायावती कहती हैं कि वह दलितों की आवाज के लिए नहीं लड़ेंगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कांशीराम के कारण कांग्रेस का नुकसान हुआ।

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संविधान पर यह आक्रमण उस दिन से शुरू हुआ था जब महात्मा गांधी की छाती में तीन गोलियां भेदी गई। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने हमें संविधान जैसा अधिकार दिया मगर आज इसका कोई मतलब नहीं है क्योंकि पैगसेस, सीबीआई, ईडी आदि संस्थान मिलकर संविधान को लागू किए जाने से रोक रहे हैं।

संविधान अपना काम कैसे कर सकता है?

उन्होंने कहा कि जब तक जनता के अंदर से आवाज नहीं निकलेगी संविधान अपना काम नहीं कर सकता। संविधान पर चोट यानी सीधी चोट देश के सबसे कमजोर आदमी पर पड़ती है। आज अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी का हाल देश में सबके सामने है। इनसे लड़ने की जरूरत है अंबेडकर ने, महात्मा गांधी ने जो रास्ता दिखाया था उस पर चलने की जरूरत है।

सत्ता में राहुल गांधी को कोई दिलचस्पी नहीं

राहुल गांधी ने कहा, मैं सत्ता के बीच में पैदा हुआ और बड़ी अजीब सी बीमारी है कि मुझे उसमें कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं अपने देश को समझने की कोशिश कर रहा हूं। इस कोशिश में ही मुझे पता चला कि दुनिया में एकमात्र भारत ऐसा देश है जहां पर छुआछूत आज भी मौजूद है। एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को केवल उसकी जाति की वजह से तू ना पसंद नहीं करता है। उन्होंने कहा कि देश को इस सोच से उभरने की जरूरत है।

लगातार देश को समझने की कोशिश में जुटे हैं राहुल

राहुल गांधी ने कहा, मेरे देश ने बिना कोई कारण मुझे इतना प्यार दिया। यह देश का कर्ज है मेरे ऊपर इसलिए मैं देश को लगातार समझने की कोशिश में जुटा हूं। हालांकि देश ने मुझे बहुत जूते भी मारे, मुझे दर्द भी हुआ पर मैं जानता हूं देश मुझे सिखाना चाहता है इसलिए मैं देश को समझने की कोशिश करता हूं।

उन्होंने कहा कि मैंने वह दौर भी देखा जहां देश में एक भी केवल उसकी जाति या धर्म की वजह से उसे लाठियों से जानवरों की तरह की है। यह केवल देश में दलितों के साथ हो रहा है।

श्री गांधी शनिवार को जवाहर भवन में पूर्व आईएएस अधिकारी के राजू द्वारा संपादित निबंध संग्रह (Essay collection edited by former IAS officer K Raju) का विमोचन किया। यह पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की ‘रिथिंकिंग इंडिया’ श्रृंखला का आठवां खंड है।

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