Home » समाचार » देश » लो कल लो बात, बुआ ने बबुआ को पहचान लिया ! बहिनजी ने सपा को बताया जातिवादी मानसिकता वाली पार्टी
Mayawati

लो कल लो बात, बुआ ने बबुआ को पहचान लिया ! बहिनजी ने सपा को बताया जातिवादी मानसिकता वाली पार्टी

Mayawati told SP a party with casteist mentality

लखनऊ , 10 फरवरी 2020. लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी(सपा) की गठबंधन सयोगी रह चुकी बहुजन समाज पार्टी(बसपा) की मुखिया मायावती (Bahujan Samaj Party (BSP) chief Mayawati) ने अब सपा पर निशाना साधा और उसे जातिवादी मानसिकता वाली पार्टी बताया है।

सुश्री मायावती ने रविवार को बयान जारी कर कहा,

“बसपा ही एक मात्र ऐसी पार्टी है, जिसने अपनी सरकार के समय में संत रविदास को विभिन्न स्तर पर पूरा-पूरा मान-सम्मान दिया है। उसे अब विरोधी पार्टियां एक-एक करके खत्म करने में लगी हैं, जो अति निंदनीय है। कांग्रेस, भाजपा व अन्य पार्टियां यहां उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार के चलते संत गुरु रविदास जी को कभी भी मान-सम्मान नहीं देती हैं, लेकिन सत्ता से बाहर होने पर फिर अपने स्वार्थ में इनके मंदिरों व स्थलों आदि में जाकर किस्म-किस्म की नाटकबाजी जरूर करती हैं। इनसे सर्तक रहें।”

उन्होंने कहा,

“बसपा के सत्ता में आने पर भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर रखा जाएगा, जिसे जातिवादी मानसिकता के तहत ही पिछली सपा सरकार ने बदल दिया है।”

उन्होंने कहा,

“संत रविदास की जयंती पर हर किसी को प्रेरणा लेनी चाहिए। हमारी सरकार ने प्रदेश में संत रविदास पॉलिटेक्निक, चंदौली, संत रविदास एससी एसटी प्रशिक्षण संस्थान, वाराणसी में गंगा नदी पर बनने वाले पुल का नाम संत रविदास के नाम, बदायूं में संत रविदास धर्मशाला के लिए, बिल्सी में संत रविदास की प्रतिमा स्थापना की स्वीकृति दी थी। इसके अलावा भी और कई कार्य महान सद्गुरु के आदर सम्मान में बसपा की सरकार के दौरान किए गए। हम सत्ता में आने के बाद अपने काम पूरे करेंगे।”

लोकसभा चुनाव में सियासी मकसद के लिए एक-दूसरे को गले लगाने वाली सपा और बसपा के रास्ते अब अलग हैं। बसपा और सपा ने 2019 का लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ा, लेकिन अब वोट बैंक की तलाश में सबके रास्ते अलग-अलग हैं।

हमारे बारे में hastakshep

Check Also

Corona virus

सरकारी संस्था ट्राइफेड ने कहा, लॉकडाउन में बाजार की शक्तियां आदिवासियों को वन उत्पाद बेचने से रोक सकती हैं

The government body Trifed said market forces could prevent tribals from selling forest produce in …

Leave a Reply