एमएसपी की गारंटी के लिए कानून लाए मोदी सरकार – एआईपीएफ

कार्यक्रम में आंदोलनरत किसानों पर लादे गए मुकदमों को वापस लेने, सहकारी खेती को सरकारी मदद, धान की सरकारी खरीद की गारंटी, खरीद घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराने, मनरेगा में सौ दिन काम व बकाया मजदूरी का भुगतान, वनाधिकार के तहत जमीन का अधिकार, कोल को आदिवासी का दर्जा आदि सवालों को भी मजबूती से उठाया जायेगा।

Modi government should bring legislation to guarantee MSP AIPF

आंदोलित किसानों के समर्थन में होगा प्रदर्शन

लखनऊ, 30 नवम्बर 2020: न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए कानून (Law for Guaranteeing Minimum Support Price) बनाने और किसानों की फसल की सरकारी खरीद की हर हाल में गारंटी, किसान विरोधी-देश विरोधी तीनों कानूनों और विद्युत संशोधन अधिनियम 2020 वापस लेने जैसी मांगों पर जारी किसान आंदोलन के समर्थन में आहूत किए गए राष्ट्रव्यापी प्रतिवाद में कल आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे।

प्रदेश के सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, बलिया, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, वाराणसी, इलाहाबाद, आगरा, बस्ती, गोण्ड़ा, हरदोई, मऊ, आजमगढ़ आदि जिलों में एआईपीएफ के कार्यकर्ता गांवस्तर पर इस कार्यक्रम को करेंगे।

इस कार्यक्रम में आंदोलनरत किसानों पर लादे गए मुकदमों को वापस लेने, सहकारी खेती को सरकारी मदद, धान की सरकारी खरीद की गारंटी, खरीद घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कराने, मनरेगा में सौ दिन काम व बकाया मजदूरी का भुगतान, वनाधिकार के तहत जमीन का अधिकार, कोल को आदिवासी का दर्जा आदि सवालों को भी मजबूती से उठाया जायेगा।

यह जानकारी प्रेस को जारी अपने बयान में एआईपीएफ के प्रदेश अध्यक्ष डा. बी. आर. गौतम व महासचिव डा. बृज बिहारी ने दी।

अपने बयान में एआईपीएफ नेताओं ने आज प्रधानमंत्री मोदी के वाराणसी कार्यक्रम के कारण एआईपीएफ के प्रदेश उपाध्यक्ष व किसान नेता योगीराज पटेल समेत विपक्षी दलों के तमाम नेताओं की गिरफ्तारी और नजरबंदी की कड़ी निंदा करते हुए इसे आरएसएस-भाजपा  सरकार की कायराना हरकत माना है और सभी नेताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग की है।

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
उपाध्याय अमलेन्दु:
Related Post
Leave a Comment
Recent Posts
Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
Donations