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बेटी की मौत पर माँ ने कहा प्रदूषण ने ली जान, पहली बार किसी अदालत ने लिया संज्ञान!

Mother said pollution killed her daughter. For the first time, a court took cognizance!

UK case will determine the first person for whom air pollution listed cause of death

नई दिल्ली, 29 नवंबर 2020. कल यानी 30 नवंबर 2020 से ब्रिटेन की एक अदालत में यह तय करने के लिए कानूनी कार्यवाही शुरू होगी, कि क्या लंदन की एक व्यस्ततम सड़क किनारे अपनी मां के साथ रहने वाली 9 वर्षीया एल्ला कीसी देबराह (Ella Kissi Debrah) की वायु प्रदूषण के कारण मृत्यु हुई ?

रिपोर्ट्स के मुताबिक नौ वर्षीय एल्ला कीसी देबराह की लंदन में वर्ष 2013 में तेज अस्थमा दौरे व सांस की तकलीफ के कारण मृत्यु हो गई। देबराह के घर के पास लगातार तीन वर्षो तक वायु प्रदूषण लंदन के निर्धारित मानकों से ज्यादा था, यानि वायु प्रदूषण ही मृत्यु का संभावित कारण है।

मृतक की माता रोजमंड एल्ला ने यूके के हाई कोर्ट में इस मामले में याचिका दायर की है, जिसमें वायु प्रदूषण के कारण मृत्यु होने पर सरकार की विफलता को दर्शाया गया है। यह विश्व का पहला मामला है जब यूके हाई कोर्ट ने वायु प्रदूषण के कारण मृत्यु पर मामले का संज्ञान लिया है। 30 नवंबर से अब इस पर सुनवाई शुरू होगी।

इस सुनवाई के दौरान यह तय किया जाएगा कि क्या वायु प्रदूषण ही एल्ला कीसी देबराह की मृत्यु का कारण था या फिर कुछ और। साथ ही सुनवाई में कोर्ट विचार करेगा कि क्या स्थानीय सरकार वायु प्रदूषण स्तर को कम करने में पूरी तरह विफल रही। यह मामला अब यूके व यूरोप में हुई कई अन्य मौतों के मामलों में भी समान कारकों (वायु प्रदूषण) के कारण न्यायालय में विचारणीय तथ्य पेश करेगा।

If successful, Ella will become the first person in the UK – and potentially the world – for whom air pollution is listed as the cause of death.

मालूम हो कि एल्ला किसी देबराह को 27 बार अस्पताल जाना पड़ा था, जब उसे सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी। मरीज को दौरा भी पड़ा था। उसे सांस लेने में भारी तकलीफ थी और अस्थमा भी था।

अदालत यह भी देखेगी कि उसकी बीमारी के दौरान क्या प्रदूषण स्तर को सही ढंग से मापा गया था या नहीं।

Second Inquest to determine the role of air pollution in causing the death of 9-year-old Ella Adoo-Kissi-Debrah

परिवार की लीगल टीम ने इस केस को हाई कोर्ट द्वारा खोलने के लिए वायु प्रदूषण को आधार बनाया है। इसमें संदेह नहीं कि यह केस दुनिया को एक नई राह दिखाएगा और वायु प्रदूषण की गंभीरता के प्रति भी लोगों को जागरूक करेगा। यदि यह मुकदमा एल्ला कीसी देबराह की माँ जीत जाती हैं तो एला यूके में और संभवतः दुनिया में पहली व्यक्ति बन जाएगी, जिसके लिए वायु प्रदूषण को मृत्यु के कारण के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

बता दें इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) का कहना है कि बाहरी वायु प्रदूषण से फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ता है और यह मूत्राषय के कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है। जबकि अमेरिका के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान- National Institutes of Health (एनआईएच) के शोधकर्ताओं द्वारा एक विश्लेषण में बताया गया है कि प्रसव से पहले उच्च स्तर के वायु प्रदूषण (high levels of air pollution) के संपर्क में आने वाली महिलाओं के पैदा होने वाले शिशुओं (Infants born to women) को नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) – newborn intensive care unit (NICU) में भर्ती होने की अधिक आशंका होती है।

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