Home » Latest » मदर्स डे : ल्यूपस से ग्रसित गर्भवती महिलाएं कोरोना काल में विशेष ध्यान दें
Health News in Hindi

मदर्स डे : ल्यूपस से ग्रसित गर्भवती महिलाएं कोरोना काल में विशेष ध्यान दें

Mother’s Day: Pregnant women with lupus should pay special attention during the Corona period

नयी दिल्ली 10 मई (वार्ता ) देश में कोरोना महामारी को देखते हुए “ल्यूपस” बीमारी से ग्रस्त महिलाओं विशेषकर गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि यह बीमारी ‘रूमेटाइड अर्थराइटिस’ से अधिक खतरनाक और तकलीफदेह है।

“ल्यूपस” बीमारी से किडनी और हृदय भी प्रभावित होता है और मरीज मधुमेह एवं हाइपरटेंशन का शिकार हो जाता है।

ल्यूपस क्या है ? | What is lupus

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में रुमेटोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ उमा कुमार (Dr. Uma Kumar, Head of Department of Rheumatology at All India Institute of Medical Sciences) के अनुसार “ल्युपस” (lupus in Hindi) एक तरह का अर्थराइटिस है लेकिन यह रूमेटाइड अर्थराइटिस (रूमेटाइड अर्थराइटिस) से अधिक तकलीफदेह और खतरनाक है क्योंकि इसमें जोड़ों के दर्द के अलावा बुखार भी होता है, मुंह मे छाले भी पड़ते हैं और गम्भीर रूप से बीमार लोगों की किडनी भी खराब हो जाती है तथा दिल की बीमारी भी हो जाती है।

About one crore women in the country suffer from lupus disease

डॉ. कुमार के मुताबिक महिलाओं को कोरोना काल में विशेष ध्यान देने की जरूरत है विशेषकर गर्भवती महिलाओं को। डॉ कुमार ने कहां है कि देश में ल्यूपस बीमारी महिलाओं को पुरुषों की तुलना में दस गुना अधिक होती है यानी अगर एक पुरुष इस से ग्रस्त है तो दस महिलाएं इस से ग्रस्त होंगी। देश में करीब एक करोड़ महिलाएं ल्यूपस रोग से ग्रस्त हैं

उन्होंने कहा कि यह कोई अनुवांशिक या छुआछूत से फैलने वाली बीमारी नहीं है पर वायु प्रदूषण तथा धूम्रपान एवं अल्ट्रा वॉयलेट किरणों और दवाइयों के कारण यह रोग उत्पन्न हो सकता है, वैसे इस रोग के निश्चित और ठोस कारणों का पता नहीं चल पाया है।

Health news

  उन्होंने बताया कि रक्त की जांच से ही इस रोग का पता चलता है इसलिए गर्भवती महिलाओं को अधिक ध्यान देने की जरूरत है।

डॉ. कुमार ने कहा कि कोरोना काल में इस रोग से ग्रस्त लोगों को बाहर निकलने से तो बचना ही चाहिए बल्कि उन्हें अभी दवाइयां भी नियमित रूप से लेनी चाहिए और व्यायाम करते रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इसका इलाज लंबा चलता है और महंगा भी है क्योंकि लंबे समय तक मरीज को दवाइयां और इंजेक्शन लेनी पड़ती हैं जो काफी खर्चीली हैं।

क्या ल्यूपस रोग बीमा में कवर है ? Is Lupus Disease Insurance Covered?

उन्होंने यह भी बताया कि यह रोग बीमा में कवर नहीं है और प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में भी शामिल नहीं है ।

(देशबन्धु)

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

RSS Half Pants

क्या आपने यह खबर पढ़ी है? वैज्ञानिकों ने नई शिक्षा नीति की जागरूकता फैलाने का कार्य आरएसएस को देने पर आपत्ति जताई

Have you read this news? Scientists object to the RSS giving the task of spreading …