जुल्म ढायेगी तो ये सरकार गिर जाएगी

Shayri at five pm

Mushaira in Iqbal Maidan Satyagraha

इकबाल मैदान के सत्याग्रह में हुआ अंतरराष्ट्रीय  शायरों का  एह्तेजाज़ी मुशायरा

भोपाल, 4 जनवरी। इक़बाल मैदान में 1 जनवरी से जारी सत्याग्रह में शनिवार को मध्यप्रदेश के मशहूर शायरों का एह्तेजाज़ी मुशयरा हुआ। इस मुशायरे में शायरी से केंद्र सरकार की संविधान विरोधी काले कानून का  जमकर विरोध किया गया। मुशायरे में मकबूल शायर मंजर भोपाली, विजय तिवारी, ज़फ़र सहबाई, डा यूनुस फ़रहत , अशरफ़ अली अशरफ़, सरवर  ज़ैदी, नूह आलम, सलीम दानिश, शमीम हयात, जलाल मैकश, नाज़िया खान ने शायरी पढी !

हमने ये बात बुज़ुर्गो से सुनी है मन्ज़र,

ज़ुल्म ढायेगी तो सरकार गिर जायेगी

मन्ज़र भोपाली

 

हर दिन बना रहे हैं ये आइन का मज़ाक़,

मग़रूर कर दिया है इन्हे इक़्तेदार ने

 अशरफ़ अली अशरफ़

छीने अगर आप गरीबों से रोशनी

महलो मैं आपके भी उजाले ना जाएंगे,

जलाल मैकश

इससे पहले सत्याग्रह स्थल पर युवाओ ने चित्रों में जनप्रतिरोध दिखाया गया। इसमें शहर के युवाओं और किशोरों ने रंगों के जरिये जनविरोधी कानून का विरोध किया।

गौरतलब है कि भोपाल के नागरिकों एवं विभिन्न संगठनों की और से CAA, NRC और NPR के खिलाफ सत्याग्रह शुरू किया गया है।

5 जनवरी के कार्यक्रम

रविवार को भोपाल की विभिन्न संस्थाओं और जनसंगठनों की ओर से आरिफ नगर से भोपाल टॉकीज तक रैली निकाली जाएगी। यह रैली CAA, NRC और NPR के खिलाफ होगी और देशभर में हो रहे आंदोलन का समर्थन किया जाएगा।

पाठकों सेअपील - “हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें
 

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