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nadi adhikar yatra नदी अधिकार यात्रा

प्रयागराज से पांच सौ किलोमीटर पैदल चलकर नदी अधिकार यात्रा बलिया के माझी घाट पहुंची

छह जिलों के 200 निषाद बाहुल्य गांवों में हुआ सघन जनसम्पर्क

बसवार में पुलिसिया उत्पीड़न के बाद 1 मार्च को शुरू हुई थी पदयात्रा

हाशिये के समाज की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है कांग्रेस : बाजीराव खाड़े

नदियों और तालाबों पर पहला हक़ निषाद समाज का है : देवेंद्र निषाद
निषाद समाज पूरे प्रदेश में बसवार की घटना से आक्रोशित, 2022 में करारा जबाब देगा : देवेंद्र निषाद

कांग्रेस पार्टी ने निषाद समाज के लिए आवाज उठाई और दर्द को समझा : मनोज यादव

योगी सरकार में वंचित समाज का उत्पीड़न बढ़ा, सड़कों पर लड़ा जाएगा : मक़सूद खान

बलिया/लखनऊ, 23 मार्च 2021। यूपी कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग द्वारा निकाली गई नदी अधिकार यात्रा बलिया के माझी घाट पर पूरी हुई। यह पदयात्रा 1 मार्च को प्रयागराज के बसवार गांव से निकली थी।

गौरतलब है कि बसवार गांव में निषाद समाज के ऊपर बर्बर लाठीचार्ज हुआ था। निषाद समाज की नाव तोड़ी गयी थी जिसके बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बसवार आयीं। कांग्रेस पार्टी ने निषाद परिवारों को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद की थी। महासचिव प्रियंका गांधी के निर्देश पर नदी अधिकार यात्रा प्रयागराज से रवाना हुई।

यह यात्रा प्रयागराज, मिर्ज़ापुर, वाराणसी, चंदौली, गाज़ीपुर होते हुए बलिया पहुंची है। कांग्रेस पार्टी ने इस यात्रा के जरिये 200 निषाद बाहुल्य गांवों में सघन जनसंपर्क किया। बसवार से माझी घाट तक यह यात्रा 505 किलोमीटर पदयात्रा करके पहुंची।

माझी घाट पर यात्रा का समापन होने के बाद रामगढ़ में जनसभा हुई।

जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव बाजीराव खाड़े ने कहा कि पदयात्रियों के पैरों में छाले पड़ गए हैं। कई यात्री बीमार भी हुए लेकिन उन्होंने हौसला नहीं छोड़ा। यही प्रतिबद्धता है कि हम हाशिये के समाज की आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।

जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव व निषाद समाज के नेता देवेंद्र निषाद ने कहा कि गंगा किनारे की यह 505 किलोमीटर की पदयात्रा में मैंने समाज के दर्द को महसूस किया है। 32 सालों में प्रदेश में हमें ठगा और छला गया। नदियों और तालाबों के पहले के  अधिकार से हमें बेदखल किया गया।

उन्होंने नदी अधिकार यात्रा की मांगों को दोहराते हुए कहा कि नदियों पर निषादों के पारम्परिक अधिकार को सुनिश्चित किया जाय। एनजीटी की गाइडलाइंस का हवाला देकर यूपी सरकार द्वारा नदियों में नाव द्वारा बालू खनन पर लगी रोक को हटाया जाए।

उन्होंने कहा कि नदियों से बालू, मोरंग, मिट्टी निकालने के पारम्परिक अधिकार को सुनिश्चित किया जाए और जिन नाव घाट पर पीपापुल का निर्माण हो उसके टोल ठेका में निषादों को वरीयता मिले। बालू खनन से माफिया राज खत्म किया जाए और मशीन द्वारा होने वाले बालू खनन पर रोक लगाई जाए।

सभा को संबोधित करते हुए पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष मनोज यादव  ने कहा कि नदियों के किनारे खेती के पारम्परिक अधिकार को सुनिश्चित किया जाए। नदियों में मछली मारने का निर्बाध अधिकार दिया जाए।

उन्होंने कहा कि बसवार की बर्बर घटना की न्यायिक जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही हो। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने पूरे निषाद समाज के दर्द और तकलीफ को समझा है और अपनी आवाज़ बुलंद की है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई मजबूती से लड़ी जाएगी।

जारी प्रेस नोट में प्रदेश महासचिव विश्वविजय सिंह कहा कि यह सरकार लगातार कमजोर लोगों का शोषण कर रही है। प्रदेश में हर ऐसे उत्पीड़न दमन के खिलाफ हमारी महासचिव प्रियंका गांधी ने आवाज़ बुलंद की। चाहे वह आदिवासियों के ऊपर दमन की उभ्भा की घटना रही हो, संविधान विरोधी नागरिकता कानून रहा हो। हाथरस की घटना रही हो। महासचिव प्रियंका गांधी ने आवाज़ बुलंद की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में वंचित समाज पर उत्पीड़न बढ़ा है और इसके खिलाफ सड़कों पर लड़ाई लड़ा जाएगा।

पदयात्रा में लगातार चले ओमप्रकाश ठाकुर, गोरख नाथ यादव, दिनेश चौधरी, संजय मौर्या, जितेंद्र पटेल, दयाराम पटेल, विनोद, दीपक मौर्या, शंकर यादव, श्याम जी राजभर, सेतराम केशरी, रमेश बिंद, शिवलोचन निषाद, राजीव लोचन निषाद, धर्मेन्द्र निषाद, दीनबंधु यादव, कृष्णकांत, अंगद यादव, राजेश साहनी, सुनील राजभर, मुरली मनोहर कन्नौजिया,आकाश तिवारी का स्वागत बलिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने किया।

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