Home » Latest » नरेन्द्र मोदी 70 साल में दुनिया के सबसे बड़े असफल पीएम
narendra modi flute

नरेन्द्र मोदी 70 साल में दुनिया के सबसे बड़े असफल पीएम

Narendra Modi is world’s biggest failed PM in 70 years

इस वक्त दुनिया में रोज 2 लाख से ज्यादा मरीज मिल रहे हैं। इनमें से 20% मरीज भारत में मिल रहे हैं। इस वक्त दुनिया के एक चौथाई मरीज सिर्फ अमेरिका में हैं। अमेरिका और ब्राजील में हर रोज आने वाले मामले स्थिर हो चुके हैं। लेकिन, भारत में इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे दुनिया में रोज मिलने वाले मरीजों में भारत की हिस्सेदारी और बढ़ने की आशंका है।

कोरोना ने मोदी सरकार को नंगा किया-

दुनिया भर में रोज मिल रहे मरीजों में भारत की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। 15 मई तक दुनिया के 3.8% मरीज भारत में मिल रहे थे। एक जून तक ये हिस्सेदारी बढ़कर 7.3% हो गई। 15 जून तक दुनिया के 8.1% मरीज भारत में आने लगे। एक जुलाई तक ये हिस्सेदारी 10.8% तक पहुंच गई। 21 जुलाई तक दुनिया के 20% मरीज भारत में मिलने लगे।

नरेन्द्र मोदी सरकार ने विगत छह साल में एक भी कॉलेज-विश्वविद्यालय क्यों नहीं खोला ?

नरेंद्र मोदी-आरएसएस हिन्दूधर्म के हिमायती हैं लेकिन हिन्दू धर्म की शिक्षा के लिए कोई भी विश्वविद्यालय नहीं खोला ।

नरेन्द्र मोदी सरकार ने विगत छह साल में भारतीय विश्वविद्यालय व्यवस्था को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया है। शोध, सेमीनार, विस्तार, विकास, लाइब्रेरी आदि के फंड में बड़े पैमाने पर कटौती करके विश्वविद्यालयों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया है। ये सारे प्रयास उनके राजनीतिक अधिनायकवाद और शिक्षा विरोधी नजरिए के साक्षात् प्रमाण हैं।

फेसबुक पर आए दिन वाम-कांग्रेस-चीन-राहुल गांधी को गरियाने में अहर्निश लगे बुद्धिजीवियों-लेखकों-प्रोफेसरों को यह सब नजर ही नहीं आता, वे चुप रहते हैं और इस तरह वे खुलेआम फासिज्म की गुलामी कर रहे हैं। फासिज्म की गुलामी को ये लोग लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कहते हैं। यह है फासिज्म का न्यू नॉर्मल.

भारतीय जनता पार्टी का लक्ष्य है सरकारी शिक्षा व्यवस्था का पूरी तरह सफाया। यूपी-बिहार-मध्यप्रदेश आदि राज्यों में शिक्षा का जिस तरह भट्टा बैठा है, उसने भाजपा को आम जनता में स्वाभाविक बढ़त दिलायी है। आम जनता में शिक्षा की सरकारी व्यवस्था को जिन लोगों ने नष्ट करके शिक्षा का प्राइमरी से उच्च शिक्षा के स्तर तक निजीकरण बढ़ाया, वे असल में फासिज्म की वैचारिक-सामाजिक जमीन तैयार करने के लिए जिम्मेदार हैं। सरकारी शिक्षा व्यवस्था के पतन के साथ भाजपा का उभार और राजनीतिक वर्चस्व जन्म लेता है।

सरकारी विश्वविद्यालय-कॉलेज और प्राइमरी स्कूल बहुत जरूरी हैं भारत को बचाने के लिए, लेकिन भाजपा इन सबको दफ्न करने में लगी है।

कोरोना में फेक महान है। फेक के जरिए महानता हासिल करने की दिशा में कैसे काम चल रहा है इसका नमूना है यह खबर कि दिल्ली में हर चौथा आदमी कोरोना संक्रमित है और तेजी से लोग ठीक हो रहे हैं। अब बताओ केजरीवाल या मोदी महान हुए कि नहीं !

केजरीवाल और मोदी दोनों की कोरोना के सही आंकड़े बताने, एकत्रित करने में कोई रूचि नहीं है। दोनों नेता दिल्ली को लेकर सफेद झूठ बोल रहे हैं।

प्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी की एफबी टिप्पणियों का समुच्चय

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

opinion, debate

इस रात की सुबह नहीं! : गुलामी के प्रतीकों की मुक्ति का आन्दोलन !

There is no end to this night! Movement for the liberation of the symbols of …