Home » हस्तक्षेप » आपकी नज़र » रात भर आज रात का जश्न चलेगा.. सुरूर भरी आँखों वाली शब जब देखेगी उजाला
Welcome New Year 2020

रात भर आज रात का जश्न चलेगा.. सुरूर भरी आँखों वाली शब जब देखेगी उजाला

उफ़्फ़ दिसम्बर की बहती नदी से बदन पर लोटे उड़ेलने की उलैहतें ..

इकतीस है हर साल की तरह फिर रीस है ..

घाट पर ख़ाली होगा ग्यारह माह के कबाड़ का झोला ..

साल फिर उतार फेंकेगा पुराने साल का चोला ..

जश्न के वास्ते सब घरों से छूट भागेंगे ..

रात के पहर रात भर जागेंगे ..

दिसम्बरी घाट पर अलाव बलेगा ..

रात भर आज रात का जश्न चलेगा ..

सुरूर भरी आँखों वाली शब जब देखेगी उजाला

समझेगी साल ने सचमुच सब कुछ बदल डाला ..

पैबंद लगी हँसी से सब मुस्करायेंगे

फिर झूठ पर झूठ का मुलम्मा चढ़ायेंगे…

डॉ. कविता अरोरा

पाठकों से अपील

“हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें

 

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

Pt. Jawahar Lal Nehru

पंडित नेहरू और शेख अब्दुल्ला के कारण ही कश्मीर बन सका भारत का हिस्सा

Kashmir became a part of India only because of Pandit Nehru and Sheikh Abdullah भारतीय …

Leave a Reply