Home » Latest » “आवारा” एवं “अनहोनी” फिल्म पर कार्यक्रम का प्रीमियर

“आवारा” एवं “अनहोनी” फिल्म पर कार्यक्रम का प्रीमियर

 नई दिल्ली, 02 अगस्त 2021. भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा)- Indian People’s Theater Association (IPTA) द्वारा ख़्वाजा अहमद अब्बास के रचनाकर्म पर केंद्रित ऑनलाइन कार्यक्रमों की श्रृंखला की चौथी कड़ी में “आवारा” एवं “अनहोनी” फिल्म पर कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम में थप्पड़, गुलाम, द्रोहकाल, आरक्षण जैसी प्रसिद्ध फिल्मों के लेखक अंजुम रजब अली ख़्वाजा अहमद अब्बास की कहानियों के पीछे रही उनकी सोच और कहन के तरीकों पर फिल्मों के कुछ दृश्यों को दिखाकर अपना विश्लेषण प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति रहेगी डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म निर्माता मेघनाथ (राँची) की जो अब्बास साहब का एक विशेष संस्मरण साझा करेंगे।

इस कार्यक्रम का आयोजन ज़ूम एप पर 29 जुलाई 2021 को सीमित दर्शकों-श्रोताओं के बीच किया गया था जिसका सार्वजनिक प्रसारण फेसबुक प्रीमियर के रूप में 2 अगस्त 2021 को किया जा रहा है।

इस श्रृंखला में इसके पहले ख्वाजा अहमद अब्बास निर्देशित फिल्म “राही”, “दो बूँद पानी” और “हिना” पर कार्यक्रम हो चुके हैं और 7 अगस्त को जया मेहता, विनीत तिवारी फ़िल्म “धरती के लाल” पर अपना वक्तव्य देंगे।

प्रीमियर  2 अगस्त 2021, सोमवार।  शाम 8 बजे।

ख़्वाजा अहमद अब्बास का रचनाकर्म: “आवारा” और “अनहोनी”

वक्ता :

अंजुम रजब अली (मुम्बई)

फ़िल्म लेखक और फ़िल्म लेखकों के संगठनकर्ता।

डॉ सैयदा हमीद (दिल्ली)

लेखिका, जीवनीकार, पूर्व सदस्य, योजना आयोग, अध्यक्ष, ख़्वाजा अहमद  मेमोरियल ट्रस्ट।

विनीत तिवारी (इंदौर)

कवि, लेखक, डाक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता।

पाठकों से अपील

“हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें

 

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

political prisoner

“जय भीम” : जनसंघर्षों से ध्यान भटकाने का एक प्रयास

“जय भीम” फ़िल्म देख कर कम्युनिस्ट लोट-पोट क्यों हो रहे हैं? “जय भीम” फ़िल्म आजकल …

Leave a Reply