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सावधान! हल्के में न लें जुखाम खांसी को, ये हो सकता है स्वाइन फ्लू

क्या हैं स्वाइन फ़्लू के लक्षण? स्वाइन फ़्लू का खतरा किन्हें ज्यादा है? मौसमी फ्लू के लक्षण? कोरोना गाइडलाइन का पालन करें, जो सभी बीमारियों से बचाएगी। घर-घर जा पहुंचा है मौसमी फ्लू

कोरोना के बीच नया खतरा : वायरल के साथ स्वाइन फ्लू भी पैर पसार रहा

Do not take cold cough lightly, it could be swine flu

New threat among corona: Swine flu is spreading along with viral

गाजियाबाद, 05 अगस्त 2021: अभी कोरोना की दूसरी लहर (second wave of corona) खत्म भी नहीं हुई है और इसी बीच एक और घातक वायरस स्वाइन फ्लू (Swine Flu H1N1) ने दस्तक दे दी है। यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशाम्बी में स्वाइन फ़्लू के मरीज आने शुरू हो गए हैं।

घर-घर जा पहुंचा है मौसमी फ्लू

हॉस्पिटल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ ए पी सिंह ने बताया कि मौसम में आए बदलाव यानी तापमान में गिरावट की वजह से मौसमी फ्लू घर-घर जा पहुंचा है। अस्पताल की ओपीडी में फ्लू के मरीज रोज बढ़ रहे हैं और इस समय डॉक्टर के सामने सबसे बड़ी चुनौती है लक्षण को पहचानकर इलाज करना। क्योंकि कोरोना, स्वाइन फ्लू और मौसमी फ्लू के अधिकांश लक्षण एक जैसे ही हैं।

बढ़ते हुए स्वाइन फ़्लू को देख कर अब डॉक्टर अब फ्लू के संदिग्ध मरीजों का स्वाइन फ्लू और कोरोना टेस्ट करवा रहे हैं।

स्वाइन फ़्लू का खतरा किन्हें ज्यादा है ?

डॉ ए पी सिंह ने बताया कि उन व्यक्तियों को सबसे ज्यादा खतरा है जिन्हें लिवर, किडनी, टीबी, एचआईवी, एनिमिया, बीपी, शुगर की बीमारी है और इस के मरीजों के साथ-साथ बुजुर्ग व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं व बच्चों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

डॉ सिंह ने सभी नागरिकों से अपील की है कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करें, जो सभी बीमारियों से बचाएगी। मास्क पहने, अनावश्यक घरों से न निकलें, भीड़-भाड़ में जाने से बचें, नियमित हाथ धोएं। स्वाइन फ्लू के मरीज मौसम बदलने या फिर कम तापमान में रिपोर्ट होते हैं। जो इस वक्त है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे में खांसने, छींकने के जरिए यह वायरस तेजी से फैलता है। हालांकि कुछ सालों से कम मरीज मिलें हैं। मगर, खतरा है। सावधानी बरतना जरूरी है।

क्या हैं स्वाइन फ़्लू के लक्षण | What are the symptoms of swine flu

स्वाइन फ़्लू के लक्षणों में सर्दी, जुखाम, खांसी, नाक बहना, बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, नींद न आना, थकान लगना, सांस उखडऩा, गला सूखना, सिर दर्द मुख्य हैं।

डॉ सिंह ने बताया मास्क का नियमित इस्तेमाल करें, यही एक कारगर उपाय है स्वाइन फ़्लू से बचाव का। सर्दी, जुखाम, खांसी होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। दवा लें। खूब पानी पीएं। गर्म पानी पीएं।

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