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क्या चावल खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है ?

चावल मूलतः घास की प्रजाति ओरीज़ा सैटिवा (Oryza sativa) या कम सामान्यतः ओरीज़ा ग्लोबेरिमा (Oryza glaberrima) का बीज है। इस खबर से जानिए कि चावल खाने से क्या फायदा और क्या नुकसान है? और क्या चावल खाने से फूड पाइजनिंग होती है ?

Can eating rice cause food poisoning?

खाने में चावल एक ऐसा अनाज है, जिसका इस्तेमाल दुनिया भर में किया जाता है, लेकिन सबसे ज्यादा इसे भारत में खाया जाता है, चाहे पुलाव हो, दाल-चावल हो या खिचड़ी, चावल किसी न किसी तरह हम सबके भोजन का हिस्सा बना रहता है

चावल में पोषक तत्व कौन से होते हैं? What are the nutrients in rice? चावल में सबसे अधिक मात्रा में कौन सा पोषक तत्व होता है? चावल खाने से क्या फायदा?

कई लोग चावल को जल्दी बनने वाला भोजन मानते हैं और रोज़ के खाने में शामिल करते हैं, वहीं कई लोग मानते हैं कि इससे फैट बढ़ता है इसलिए इसे खाने से बचते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चावल पोषक तत्वों का खजाना होता है?

चावल में कई तरह के विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं। इसके साथ ही चावल में विटामिन-डी, कैल्शियम, फाइबर, आयरन, थायमीन और राइबोफ्लेविन भी भरपूर होता है।

कच्चे चावल खाने के क्या फायदे हैं? कच्चे चावल खाने के क्या नुकसान हैं? What are the benefits of eating raw rice? What are the disadvantages of eating raw rice?

कई बार चावल पकाते वक्त वे हल्के से कच्चे रह जाते हैं। अगर कभी ऐसा हो तो सुनिश्चित करें कि चावल पूरी तरह से पक जाएं, क्योंकि इन्हें हल्का-सा भी कच्चा खाने से आपको कई तरह से नुकसान पहुंच सकता है।

कच्चा चावल खाने से फूड पाइजनिंग (food poisoning) भी हो सकती है।

कच्चा चावल खाने से फूड पाइजनिंग क्यों होती है?

कच्चे चावलों में बी सिरस यानी बैसिलस सिरस नाम का बैक्टीरिया (bacillus cereus bacteria rice in Hindi) पाया जाता है, जिससे फूड पॉइजनिंग होने की आशंका होती है।

क्या कच्चे चावल खाने से पथरी होती है?

कच्चे चावल खाने से पथरी की समस्या का जोखिम बढ़ जाता है, साथ ही जिन लोगों को पहले से पथरी है, उनको नुकसान पहुंच सकता है।

कच्चे चावल खाने से आपको आलस की समस्या भी शुरू हो सकती है, हालांकि चावल खाने से आपको भरपूर एनर्जी मिलती है।

प्रतिदिन के भोजन में शामिल चावल, शरीर में कॉम्प्लेक्स, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन बी की आपूर्ति करता है। ये आसानी से पच जाता है, इसलिए डायरिया और अपच होने पर चावल का सेवन करने से पेट को आराम मिलता है।

माइग्रेन में चावल का सेवन

माइग्रेन की समस्या होने पर रात को सोने से पहले चावल को शहद के साथ मिलाकर खाने से लाभ होता है। एक सप्ताह ऐसा करने से सिरदर्द की समस्या लगभग समाप्त हो जाता है।

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