अब्दुल गफूर ने बतौर मुख्यमंत्री बिहार पर अपनी छाप छोड़ी- तारिक़ अनवर

 

Role of Abdul Ghafoor in the freedom movement,जेपी आंदोलन से जुड़े नेता,बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर

 इंदिरा गांधी के समाजवादी रुझान के कारण अब्दुल गफूर बिहार के मुख्यमंत्री बने- अनिल चमड़िया

हर ज़िले में 25 अल्पसंख्यक अधिवक्ताओं को गफूर एक्सिलेंसी सम्मान दिया गया

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर की 17 वीं पुण्यतिथि पर अल्पसंख्यक कांग्रेस ने किया वेबिनार, ज़िलों में आयोजित हुए कार्यक्रम

लखनऊ, 10 जुलाई 2021. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर ( Former Bihar Chief Minister Abdul Ghafoor ) बेदाग छवि के नेता थे. कांग्रेस की समाजवादी और सेकुलर विचारधारा के अपने समय के उत्कृष्ट प्रतिनिधि थे. अपने दो साल के कार्यकाल में अपने नेतृत्व की छाप छोड़ी और बिहार के विकास की बुनियाद रखी.

ये बातें पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता तारिक़ अनवर ने उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अब्दुल गफूर की 17 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित वेबिनार में कहीं.

आज हर ज़िले में अल्पसंख्यक समाज के 25 अधिवक्ताओं को अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा गफूर एक्सिलेंसी सम्मान भी दिया गया.

मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार अनिल चमड़िया ने कहा कि अब्दुल गफूर साहब, सुभाष चंद्र बोस के सबसे क़रीबी सहयोगियों में रहे. उन्होंने ही सबसे पहले यह प्रस्ताव लाया था कि शैक्षणिक संस्थानों के नामों में धार्मिक पहचान वाले शब्दों को न जोड़ा जाए.

श्री चमड़िया ने कहा कि 1973 में इंदिरा गांधी ने उन्हें तब मुख्यमंत्री बनाया जब बिहार के अंदर फासीवादी और सांप्रदायिक ताक़तों का उभार था. 1971 के युद्ध के बाद पड़ोस में बांग्लादेश का निर्माण हो चुका था और बिहार के आंचलिक इलाक़ों में काफी असंतोष था. ऐसे समय में एक मुस्लिम राजनेता को मुख्यमंत्री बनाना इंदिरा गांधी के समाजवादी रुझान के कारण ही मुमकिन हो पाया.

उन्होंने कहा कि जेपी आंदोलन से जुड़े नेताओं को एक मुस्लिम सेकुलर नेता के वजूद से खतरा महसूस होता था. वो एक ऐसे मुख्यमंत्री थे जो जनता के समक्ष  टेलीफोन के ज़रिये सीधे उपस्थित रहते थे.

संचालन अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने किया. उन्होंने बताया कि आज हर ज़िले में अल्पसंख्यक समुदाय के 25 अधिवक्ताओं को गफूर एक्सिलेंसी सम्मान से सम्मानित किया गया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही एक मात्र पार्टी है जिसने कश्मीर के बाहर भी 5 मुस्लिम मुख्यमंत्री दिये.

Role of Abdul Ghafoor in the freedom movement

बिहार अल्पसंख्यक कांग्रेस के चेयरमैन मिन्नत रहमानी ने स्वतंत्रता आंदोलन में अब्दुल गफूर की भूमिका पर रोशनी डाली.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और उत्तर प्रदेश के प्रभारी तौकीर आलम ने पूर्व मुख्यमंत्री को एक कुशल प्रशासक और दूरदृष्टा नेता बताया.

वेबिनार में अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश वाइस चेयरमैन मोहम्मद अहमद, डॉ श्रेया चौधरी, महासचिव मुनीर अकबर, हुमायूँ बेग, शाहनवाज़ खान, मोहम्मद उमैर, दिल्ली अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रवक्ता अखलाक अहमद, सबिहा अंसारी, शाहिद तौसीफ, इक़बाल क़ुरैशी आदि मौजूद रहे.

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