Home » Latest » संसद परिसर में अकाली और कांग्रेस सांसद में जुबानी जंग

संसद परिसर में अकाली और कांग्रेस सांसद में जुबानी जंग

कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) और अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल के बीच आज संसद परिसर में कृषि कानूनों के मुद्दे पर कहासुनी (Farmers Movement) हो गई। दोनों ने एक-दूसरे पर किसानों को ठगने का आरोप लगाया।

Verbal dispute between Harsimrat Kaur Badal and Ravneet Bittu on agricultural laws

नई दिल्ली, 4 अगस्त 2021 कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) और अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल के बीच आज संसद परिसर में कृषि कानूनों के मुद्दे पर कहासुनी (Farmers Movement) हो गई। दोनों ने एक-दूसरे पर किसानों को ठगने का आरोप लगाया।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि पहले अकाली दल, फिर एनडीए सरकार में कैबिनेट मंत्री ने विधेयक पारित किया और अब विरोध कर रहे हैं। रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा, ‘ये लोग ड्रामा कर रहे हैं। पूरी तरह से झूठे हैं ये लोग। बिल पारित होने के दो महीने बाद तक सुखबीर सिंह बादल और प्रकाश सिंह बादल गायब रहे।’ यही नहीं केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्षी एकता की बजाय आपस में उलझने के सवाल पर बिट्टू ने कहा कि इनके साथ हम कैसी एकता करें? इन्हीं लोगों ने तो संसद में बिल पारित कराए थे और अब विरोध का रोज ड्रामा करते हैं।

हरसिमरत कौर ने जवाब दिया कि उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था और पूछा कि विधेयक पारित होने पर राहुल गांधी कहां थे।

बिट्टू ने जवाब दिया कि जब कैबिनेट में बिल पास हुआ तो वह सरकार का हिस्सा थीं।

दोनों सांसद संसद परिसर में कृषि कानूनों का विरोध कर रहे थे और तख्तियां लेकर नारेबाजी कर रहे थे।

पंजाब में दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ खड़ी हैं, जहां कृषि कानून एक बड़ा मुद्दा है और राज्य में अगले साल चुनाव होने जा रहे हैं।

कांग्रेस तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रही है। पिछले हफ्ते राहुल गांधी आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में ट्रैक्टर से संसद पहुंचे। उस समय मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था, “मैं संसद में किसानों का संदेश लाया हूं। वे (सरकार) किसानों की आवाज दबा रहे हैं और संसद में चर्चा नहीं होने दे रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि सरकार को इन काले कानूनों को निरस्त करना होगा। उन्होंने कहा, “पूरा देश जानता है कि यह (तीन कृषि कानून) किसके फायदे के लिए किया जा रहा है। यह किसानों के पक्ष में नहीं है और सरकार को इन तीन काले कृषि कानूनों को वापस लेना होगा।”

हमें गूगल न्यूज पर फॉलो करें. ट्विटर पर फॉलो करें. वाट्सएप पर संदेश पाएं. हस्तक्षेप की आर्थिक मदद करें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

हमारे बारे में उपाध्याय अमलेन्दु

Check Also

updates on the news of the country and abroad breaking news

एक क्लिक में आज की बड़ी खबरें । 15 मई 2022 की खास खबर

ब्रेकिंग : आज भारत की टॉप हेडलाइंस Top headlines of India today. Today’s big news …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.