क्या आज़म की जगह मुलायम जेल में होते तब भी अखिलेश चुप बैठते – शाहनवाज़ आलम

 सपा के मुस्लिम नेताओं का अखिलेश की चुप्पी पर सवाल न उठाना शर्मनाक

स्पीक अप माइनोरिटी #7 में शामिल हुए दो हज़ार लोग

Shameful for SP Muslim leaders not to question Akhilesh’s silence

Two thousand people joined Speak Up Minority #7

लखनऊ, 25 जुलाई 2021। अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव और चाचा रामगोपाल यादव को जेल जाने से बचाने के लिए आज़म खान को बलि का बकरा बना दिया। मुसलमानों को समझना होगा कि सैफई परिवार जब आज़म खान का नहीं हुआ तो आम मुसलमानों का क्या होगा।

अल्पसंख्यक कांग्रेस द्वारा हर रविवार को फेसबुक लाइव के ज़रिये चलने वाले स्पीक अप माइनोरिटी कैम्पेन के सातवें अध्याय में अल्पसंख्यक कांग्रेस के नेताओं और समर्थकों ने ये बातें कहीं।

इस अभियान में आज लगभग दो हज़ार लोग शामिल रहे।

अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने जारी बयान में कहा कि प्रदेश का हर एक व्यक्ति अब जान चुका है कि सपा ने किस तरह आज़म खान को इस बुरे दौर में अकेले छोड़ दिया है। आज़म खान का फोटो तक अब सपा की होर्डिंगों से गायब हो चुका है।

उन्होंने बताया कि स्पीक अप कैंपेन के ज़रिये आज सपा के मुस्लिम नेताओं से भी लोगों ने आज़म खान के मसले पर चुप्पी साधने पर सवाल पूछा। लोगों ने अखिलेश यादव से भी पूछा कि अगर आज़म खान की जगह मुलायम सिंह यादव जेल में होते तब भी क्या वो खामोश रहते?

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