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खेती व लोकतंत्र पर हमला कर रही मोदी सरकार – आइपीएफ

सरकार यूएपीए, रासुका, राजद्रोह जैसे काले कानूनों के जरिए असहमति की हर आवाज को कुचलने और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कर रही है – IPF

 खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ‘ नारे पर हुआ प्रदर्शन

लखनऊ, 26 जून 2021, संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग पर जारी आंदोलन के सात माह पूरे होने और आपात काल के 46 वर्ष पूरे होने पर आयोजित ‘खेती बचाओ-लोकतंत्र बचाओ’ के राष्ट्रीय आवाहन पर आइपीएफ और मजदूर किसान मंच के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के गांव-गांव में प्रदर्शन किए।

यह जानकारी आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व आईजी एस. आर. दारापुरी व जय किसान आंदोलन से जुड़े मजदूर किसान मंच के महासचिव डा. बृज बिहारी ने प्रेस को दी।

प्रदर्शन में आइपीएफ कार्यकत्र्ताओं ने खेती व लोकतंत्र को बचाने का संकल्प भी लिया। संकल्प प्रस्ताव में कहा गया कि मोदी राज में आज देश में आपातकाल से भी बदतर हालत हो गए है। सरकार यूएपीए, रासुका, राजद्रोह जैसे काले कानूनों के जरिए असहमति की हर आवाज को कुचलने और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला कर रही है। यहां तक कि दिल्ली हाईकोर्ट तक को कहना पड़ा कि इस सरकार ने आतंकवाद और सामान्य विरोध प्रदर्शन की बीच के फर्क को खत्म कर दिया है। देश में भयंकर बेराजगारी है, महंगाई पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। पेट्रोल-डीजल के दामों में हो रही दिन प्रतिदिन वृद्धि ने आम नागरिक के सामने आजीविका का संकट पैदा कर दिया है। हद यह है कि सैकड़ों किसानों की कुर्बानी और हर तरह की विध्न बाधाओं के बाद भी शांतिपूर्ण घरना कर रहे किसानों की जायज मांग को कारपोरेट हितों में लगी सरकार मानने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे में देश में लोकतंत्र, खेती व सार्वजनिक सम्पदा की रक्षा के लिए बड़े पैमाने पर जन संवाद कायम करने का संकल्प प्रदर्शन में लिया गया।

विरोध प्रदर्शन का लखीमपुर खीरी में आइपीएफ के प्रदेश अध्यक्ष डा. बी. आर. गौतम, सीतापुर में मजदूर किसान मंच नेता सुनीला रावत, युवा मंच के नागेश गौतम, अभिलाष गौतम, लखनऊ में वर्कर्स फ्रंट अध्यक्ष दिनकर कपूर, एडवोकेट कमलेश सिंह, सोनभद्र में कृपाशंकर पनिका, मंगरू प्रसाद गोंड़, राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, सूरज कोल, श्रीकांत सिंह, रामदास गोंड़, शिव प्रसाद गोंड़, महावीर गोंड,़ आगरा में आइपीएफ महासचिव ई. दुर्गा प्रसाद, चंदौली में अजय राय, आलोक राजभर, डा. राम कुमार राय, गंगा चेरो, रामेश्वर प्रसाद, इलाहाबाद में युवा मंच संयोजक राजेश सचान, अध्यक्ष अनिल सिंह, इंजीनियर राम बहादुर पटेल, ईशान गोयल, मऊ में बुनकर वाहनी के इकबाल अहमद अंसारी, बलिया में मास्टर कन्हैया प्रसाद, गोण्डा में अमरनाथ सिंह, बस्ती में एडवोकेट राजनारायण मिश्र, वाराणसी में प्रदेश उपाध्यक्ष योगीराज पटेल आदि ने नेतृत्व किया।

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