आजमगढ़ के दलितों का घर गिराने वाले पुलिसकर्मी हों निलंबित- शाहनवाज़ आलम

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 सांसद अखिलेश यादव का अब तक न पहुंचना उनकी दलित विरोधी मानसिकता को दिखाता है

भूख हड़ताल पर बैठे कांग्रेस नेता अनिल यादव के समर्थन में अल्पसंख्यक कांग्रेस भेजेगी हर ज़िले से राज्यपाल को ज्ञापन

मुस्लिम और दलितों के बारे में अखिलेश और योगी की राय एक जैसी है

लखनऊ, 7 जुलाई 2021. अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने आजमगढ़ के पलिया गांव के दलितों के घर तोड़ने वाले पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की है. उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस संगठन सचिव अनिल यादव किये जा रहे भूख हड़ताल का समर्थन किया है.

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि आजमगढ़ के अल्पसंख्यक, पिछड़े और दलित समाज के लोगों को मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ नफ़रत की नज़र से देखते हैं. इसीलिए यहाँ की पुलिस कभी सीएए-एनआरसी का विरोध करने वाली मुस्लिम महिलाओं पर लाठी भांजती है तो कभी दलितों के घर जेसीबी से उजड़वा देती है. पिछड़ों के बेटों का सबसे ज़्यादा फ़र्जी एंकाउंटर भी आजमगढ़ में ही योगी सरकार ने करवाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन सचिव अनिल यादव जी द्वारा पलिया के दलित परिवारों के न्याय और दोषी पुलिस अधिकारियों के तत्काल निलंबन के लिए किये जा रहे भूख हड़ताल के समर्थन में अल्पसंख्यक कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजेगी.

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि इतनी जघन्य घटना के बावजूद आजमगढ़ के सांसद श्री अखिलेश यादव का अब तक पीड़ित दलितों से मिलने नहीं जाना आश्चर्यजनक नहीं है. वो इससे पहले भी बिलरियागंज में मुस्लिम महिलाओं के पुलिस दमन के बावजूद उन्हें देखने तक नहीं गए थे. वहाँ भी सिर्फ़ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ही गयीं, जो साबित करता है कि मुस्लिम और दलितों के बारे में अखिलेश और योगी की राय एक जैसी है.

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