फल ही नहीं औषधि भी है कसैला जामुन

स्वाद में खट्टा-मीठा जामुन कितना गुणकारी है। जामुन स्वाद में तो कसैला होता है लेकिन इसमें रोगों से लड़ने के गुण भरपूर होते हैं। 
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Jamun benefits in Hindi. जामुन के फायदे .

 Jamun benefits in Hindi | जामुन के फायदे हिंदी में

गर्मी आते ही बाजार में जामुनी के रंग के जामुन नजर आने लगते हैं। लेकिन क्या आपको पता है यह जामुनी रंग, स्वाद में खट्टा-मीठा जामुन कितना गुणकारी है। जामुन स्वाद में तो कसैला होता है लेकिन इसमें रोगों से लड़ने के गुण भरपूर होते हैं।

Syzygium cumini, जिसे आमतौर पर मालाबार प्लम, जावा प्लम, ब्लैक प्लम, जामुन या जंबोलन के रूप में जाना जाता है, फूलों के पौधे परिवार Myrtaceae का एक सदाबहार उष्णकटिबंधीय पेड़ है, और इसके फल, लकड़ी और सजावटी मूल्य के लिए अनुकूल है।

जामुन के औषधीय गुण | Medicinal properties of Jamun in Hindi

जामुन वातकारक, पित्तशामक और उल्टी को रोकने के काम आता है। डायबिटीज को रोकने के लिए जामुन की गुठली का उपयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त और भी अन्य रोगों से बचाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। जामुन का सिरका भी बनाया जाता है, यह पाचक होता है।

जामुन उपभोग के घरेलू नुस्खे

कहा जाता है कि जामुन खाने या उसका रस पीने से उल्टी का वेग रूकता है, इससे दिल की तेज धड़कन भी नियंत्रित होती है।

यह भी कहा जाता है कि जामुन के रस में शक्कर मिलाकर पीने से पेचिश के रोगी को तुरंत फायदा होता है। यदि आपकी आवाज बैठ गई है या मोटी या भारीपन लिए हुए है और आप इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको शहर में जामुन की गुठली का पाउडर मिलाकर लेना चाहिए। इससे आवाज का भारीपन दूर होता है साथ ही आवाज भी साफ हो जाएगी।

पेट दर्द और पथरी में जामुन का उपयोग

कहा जाता है कि जामुन और आम की गुठलियों का 2-2 ग्राम पाउडर छाछ के साथ दिन में तीन बार लेने से पेट दर्द दूर होता है। पथरी के रोगी को जामुन की गुठली का पाउडर दही के साथ सुबह-शाम कम से कम दिन में 3 ग्राम की मात्रा के साथ लेना चाहिए। इससे पथरी गलकर धीरे-धीरे निकल जाती है। इसके साथ ही पका जामुन खाने से भी पथरी के मरीज को आराम भी मिलता है।

जामुन का इस्तेमाल कैसे करें

जामुन की गुठली को सुखाकर उसका पाउडर बनाकर रख लें। नियमित रूप से आधा चम्मच की मात्रा में सुबह शाम पानी के साथ इसका सेवन करें। जामुन की छाल को सुखाकर उसे जलाएं और राख बनाकर छान लें। फिर इसे बोतल में भरकर रख लें। कहा जाता है कि इसके सेवन से सुबह शाम 60-65 मिली ग्राम की मात्रा में खाली पेट पानी के साथ इसके सेवन करने से डायबिटीज नियंत्रित रहता है।

कहा जाता है कि जामुन की गुठली को पानी के साथ घिसकर चेहरे पर लेप करने से मुंहासे और फुंसियां दूर होती हैं और चेहरे का सौंदर्य निखरता है। आग से जलने पर घाव हो तो जामुन की छाल की राख तेल के साथ मिलाकर घाव लगाने से लाभ होता है।

जामुन की छाल का उपयोग

जामुन की छाल को छाया में सुखाकर बारीक पीसकर कपड़े से छान लें। इसका प्रयोग मंजन के रूप में करें। इससे दांत मजबूत होते हैं, साथ ही पायरिया और दांत दर्द से भी छुटकारा मिलता है। मुंह में छाले हो जाने पर जामुन का रस लगाने या जामुन खाने से छाले तुरंत ठीक हो जाते हैं। ठंडे पानी में जामुन को कम से कम 2 घंटे तक भिगोकर रखें। फिर उनकी गुठलियां निकालकर उन्हें हाथ से अच्छी तरह मसलकर कपडे से निचोड-छानकर रस निकाल कर रख लें। यह रस पेटदर्द, हृदय शूल, यूरिन में जलन आदि रोगों में अत्यंत लाभदायक है।

नोट - यह समाचार किसी भी हालत में चिकित्सकीय परामर्श नहीं है। यह समाचारों में उपलब्ध सामग्री के अध्ययन के आधार पर जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई अव्यावसायिक रिपोर्ट मात्र है। आप इस समाचार के आधार पर कोई निर्णय कतई नहीं ले सकते। स्वयं डॉक्टर न बनें किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लें।) 

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