तेजस्वी का दावा : जाति आधारित जनगणना से कल्याणकारी योजनाएं तैयार करने में मिलेगी मदद

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के तेजस्वी यादव ने जातिगत आधार पर जनगणना के फायदे गिनाते हुए कहा है कि जातिगत जनगणना से एक वैज्ञानिक डेटा सामने आएगा। जातिगत जनगणना से पता चलेगा कि कौन क्या कर रहा है?
 | 
तेजस्वी मोदी से रोए, 12 करोड़ बिहारियों को बचा लीजिए, देश को 56 सांसद (50 NDA) देने वाले बिहार का बुरा हाल है

जाति आधारित जनगणना से लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाएं तैयार करने में मिलेगी मदद : तेजस्वी यादव

Caste based census will help in preparing welfare schemes for the people: Tejashwi Yadav

नई दिल्ली, 23 अगस्त 2021 (न्यूज हेल्पलाइन) : बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के तेजस्वी यादव ने जातिगत आधार पर जनगणना के फायदे गिनाते हुए कहा है कि जातिगत जनगणना से एक वैज्ञानिक डेटा सामने आएगा। जातिगत जनगणना से पता चलेगा कि कौन क्या कर रहा है? कौन परिवार गरीब है?

तेजस्वी यादव ने कहा है कि जातिगत जनगणना से इन सबकी स्पष्ट तस्वीर सबके सामने आएगी।

 उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि जातिगत जनगणना से भेदभाव होता है तो धर्म के आधार पर भी गिनती नहीं होनी चाहिए। आपको स्पष्ट तस्वीर मिलेगी।

राजद नेता ने कहा कि संसद के मानसून सत्र के दौरान केंद्र सरकार ने जातिगत जनगणना कराने से साफ मना कर दिया था लेकिन सरकार को जातिगत जनगणना करानी ही होगी।

बता दें कि जातीय जनगणना के मसले पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 11 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ पीएम मोदी से मिलने पहुंचे थे।

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव काफी समय से जातिगत आधार पर जनगणना की मांग को लेकर मुखर रहे हैं।

इससे पहले तेजस्वी यादव ने भी जाति आधारित जनगणना की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था हालांकि केंद्र सरकार ने अब तक मांग मानने से इनकार कर दिया है। 20 जुलाई को, लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा था, "भारत सरकार ने एससी और एसटी के अलावा अन्य जाति-वार आबादी की गणना नहीं करने की नीति के रूप में निर्णय लिया है।"

10 मार्च, 2021 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (SECC) 2011 से प्राप्त जाति-संबंधी विवरणों पर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय को स्पष्ट किया था।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक जवाब में कहा कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय  को डेटा के वर्गीकरण के लिए कच्ची जाति का डेटा प्रदान किया गया है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमारी बात गंभीरता से सुनी है। अब निर्णय का इंतजार है। उन्होंने कहा कि हम केवल बिहार की जातीय जनगणना के लिए नहीं, पूरे देश की जनगणना के लिए प्रधानमंत्री से मिले थे।

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि जब जातीय आधार पर जनगणना पर जातीय बवाल होने की आशंका है तो धार्मिक आधार पर जनगणना भी बंद होनी चाहिए, इससे दंगे की आशंका रहेगी।

पाठकों से अपील

Donate to Hastakshep

नोट - 'हस्तक्षेप' जनसुनवाई का मंच है। हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

OR

भारत से बाहर के साथी Pay Pal के जरिए सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं।

Subscription