शाहनवाज़ आलम ने अखिलेश से पूछा चुभता सवाल, सपा के मुस्लिम प्रत्याशियों को उन के सजातीय वोट क्यों नहीं नहीं देते

सपा और बसपा गठबंधन के प्रत्याशी लोकसभा चुनाव में सिर्फ़ उन्हीं सीटों पर जीत पाए जहाँ मुसलमान मतदाता ज़्यादा थे. जबकि बदायूं, कन्नौज, फिरोजाबाद जैसे सजातीय बहुमत वाली सीटों पर अखिलेश यादव के परिवार के भी लोग चुनाव हार गए, जो साबित करता है कि सपा से उसका जातिगत वोटर भी भाग चुका है.
 | 
शाहनवाज़ आलम प्रयागराज मदरसे में

 सपा के मुस्लिम प्रत्याशियों को अखिलेश यादव के सजातीय लोग वोट नहीं देते- शाहनवाज़ आलम

कुरैशी, अंसारी, मलिक, मंसूरी, सलमानी, इदरीसी, लालबेगी, राइन, गद्दी, घोसी, मनिहार बिरदरियों के अधिकारों के लिए लड़ेगी अल्पसंख्यक कांग्रेस

प्रयागराज के उतराव गांव में उलेमाओं के साथ बैठक कर प्रियंका गांधी का संदेश पहुँचाया

प्रयागराज, 2 जुलाई 2021. सपा के पास अब अपना जातिगत वोट भी नहीं बचा है. सपा जहाँ पर भी मुस्लिम प्रत्याशी उतार देती है अखिलेश यादव के सजातीय वोटर भाजपा को वोट कर देते हैं. उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों के 20 प्रतिशत वोटों पर अखिलेश यादव की 5 प्रतिशत वाली आबादी राज करती थी. लेकिन अब मुसलमान जागरूक हो रहा है और कांग्रेस के साथ आ रहा है.

ये बातें अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने परतापुर विधान सभा के उतराव गांव में उलेमाओं के साथ बैठक में कहीं.

उन्होंने कहा कि सपा और बसपा गठबंधन के प्रत्याशी लोकसभा चुनाव में सिर्फ़ उन्हीं सीटों पर जीत पाए जहाँ मुसलमान मतदाता ज़्यादा थे. जबकि बदायूं, कन्नौज, फिरोजाबाद जैसे सजातीय बहुमत वाली सीटों पर अखिलेश यादव के परिवार के भी लोग चुनाव हार गए, जो साबित करता है कि सपा से उसका जातिगत वोटर भी भाग चुका है.

शाहनवाज़ आलम ने उलेमाओं से प्रियंका गांधी की क़यादत को मजबूत करने की अपील भी की और अल्पसंख्यक समाज के लिए प्रियंका गांधी का संदेश भी दिया.

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जी के निर्देश पर अल्पसंख्यक कांग्रेस कुरैशी, अंसारी, मलिक, मंसूरी, सलमानी, इदरिसी, लालबेगी, राइन, गद्दी, घोसी, मनिहार जैसी सपा द्वारा ठगी गयी पसमांदा बिरादरियों के अधिकारों के लिए न सिर्फ़ लड़ रही है बल्कि अपने चुनावी घोषणापत्र में भी इन समाजों के सवालों को उठायेगी.

प्रयागराज गंगा पार अल्पसंख्यक कांग्रेस के ज़िला अध्यक्ष क़मर रिज़वी ने बैठक का संचालन किया.

पाठकों से अपील

Donate to Hastakshep

नोट - 'हस्तक्षेप' जनसुनवाई का मंच है। हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

OR

भारत से बाहर के साथी Pay Pal के जरिए सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं।

Subscription