सपा मुख्यालय पर लगे होर्डिंगों से आज़म खान की फोटो गायब होना मुसलमानों का अपमान- शाहनवाज आलम

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि अखिलेश यादव को अब मुसलमानों से चिढ़ होने लगी है। मुसलमानों को समझना चाहिए कि जो अखिलेश यादव आज़म खान के नहीं हुए वो आम मुसलमानों की क्या होंगे।
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सपा मुख्यालय पर लगे होर्डिंगों से आज़म खान की फोटो गायब


 मुस्लिमों से चिढ़ते हैं अखिलेश यादव

Akhilesh Yadav is jealous of Muslims

Disappearance of Azam Khan's photo from hoardings at SP headquarters is an insult to Muslims: Shahnawaz Alam

लखनऊ, 15 जुलाई 2021। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन शाहनवाज आलम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर क्यों समाजवादी पार्टी आज़म खान को अपनी होर्डिंग में जगह नहीं देती है, अखिलेश यादव का ये मुस्लिम प्रेम सिर्फ वोट लेने तक ही क्यों रहता है। जब एक तरह आज़म पर योगी सरकार अपना शिकंजा कसती जा रही है तो क्यों अखिलेश यादव ने राजनैतिक चुप्पी बना रखी है !

शाहनवाज आलम ने अपने बयान में एक बार फिर अखिलेश यादव पर मुसलमानों को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस प्रकार के उत्पीड़न समाजवादी सरकार में मुसलमानों पर किये गए उसे मुसलमान भूला नहीं है।

आज़म खान को जिस तरह योगी सरकार साज़िश के तहत फ़ंसाने का काम कर रही है उन्हें अस्वस्थ अवस्था में भी पुनः सीतापुर जेल में भेज देना मानवीय सम्वेदनाओं के विरुद्ध है

शाहनवाज आलम ने सीधे आरोप लगाते हुए सवाल किया कि क्यों अखिलेश यादव आज़म खान के मामलों में चुप्पी साध कर बीजेपी का साथ देने का काम कर रहे हैं।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में शाहनवाज़ आलम ने कहा कि जिस आज़म खान ने अपनी पूरी ज़िंदगी सपा को दे दी आज उसी के मुख्यालय पर बकरीद के अवसर पर लगे होर्डिंगों से भी उनका फोटो गायब होना मुसलमानों का अपमान है। मुसलमानों को समझना चाहिए कि जो अखिलेश यादव आज़म खान के नहीं हुए वो आम मुसलमानों की क्या होंगे

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि अखिलेश यादव को अब मुसलमानों से चिढ़ होने लगी है। इसीलिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की सालगिरह पर ट्वीट करते हुए वो मुस्लिम शब्द से बचते हुए सिर्फ़ अलीगढ़ यूनिवर्सिटी लिखते हैं।

अंत मे शाहनवाज आलम ने कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी हर तरह से अल्पसंख्यक समुदाय की लडाई लड़ती रहेगी।

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