मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ माकपा और जन संगठन 26 को करेंगे पूरे प्रदेश में प्रदर्शन

 | 
CPIM
 रायपुर, 25 जून 2021. वामपंथी पार्टियों के देशव्यापी अभियान के तहत मोदी सरकार की मजदूर और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ तथा कोरोना महामारी के दौर में आम जनता को राहत देने की मांग पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और उसके जन संगठन 26 जून को पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेंगे। माकपा ने मजदूरों और किसानों के देशव्यापी आंदोलन के साथ भी एकजुटता जताई है और तीन कृषि विरोधी कानूनों और चार मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग की है।

आज यहां जारी एक बयान में माकपा राज्य सचिव संजय पराते ने कहा कि मोदी राज के अघोषित आपातकाल में आम जनता लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रही है, क्योंकि बहुमत के बल पर आज संविधान की मूल भावना और धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता के लक्ष्यों से खिलवाड़ किया जा रहा है। हमारे देश की स्वतंत्र अर्थव्यवस्था को देशी-विदेशी कॉरपोरेटों के हाथ में सौंपा जा रहा है। किसान विरोधी कृषि कानूनों और मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को संवैधानिक प्रावधानों को तोड़-मरोड़कर पारित कराया गया है। यह सरकार अपने चुनावी वादे के अनुसार सी-2 लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य तक किसानों को देने के लिए तैयार नहीं है।

माकपा नेता ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और खाद्यान्न को आवश्यक वस्तुओं की सूची से बाहर करने के कारण महंगाई ने पिछले 25 सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिया है और लोगों का पेट भरना मुश्किल हो गया है। कोरोना महामारी के कारण करोड़ों लोगों को अपनी आजीविका से हाथ धोना पड़ा है, गरीबी रेखा से नीचे जीने वाले लोगों की संख्या दुगुनी हो गई है और चार लाख लोगों की मौत हो चुकी है, इसके बावजूद यह सरकार इस संकट को आपदा मानकर अपने देश के नागरिकों को राहत देने के लिए तैयार नहीं है। उसने कोरोना मौतों से पीड़ित परिवार को कानून के अनुसार चार लाख रुपये मुआवजा देने से इंकार कर दिया है, गरीब परिवारों को राशन किट देने के लिए तैयार नहीं है और न ही उन्हें कोई आर्थिक मदद दे रही है। वास्तव में यह स्वतंत्र भारत की सबसे संवेदनहीन सरकार है।

पराते ने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए कल 26 जून को पूरे प्रदेश में माकपा और जन संगठन मिलकर इन नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करेंगे और महंगाई को कम करने तथा कोरोना प्रभावित परिवारों को बड़े पैमाने पर राहत देने की मांग करेंगे। माकपा ने कल विभिन्न किसान संगठनों व मोर्चों द्वारा आयोजित किये जा रहे प्रतीकात्मक राजभवन मार्च का भी स्वागत व समर्थन किया है और मजदूरों व किसानों के आंदोलन के साथ एकजुटता जाहिर की है। माकपा ने आशा व्यक्त की है कि आने वाले दिनों में इस संघर्ष को और मजबूत किया जाएगा।

पाठकों से अपील

Donate to Hastakshep

नोट - 'हस्तक्षेप' जनसुनवाई का मंच है। हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

OR

भारत से बाहर के साथी Pay Pal के जरिए सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं।

Subscription