47 देशों में नौ मिलियन स्वच्छ ऊर्जा रोजगारों की पहचान

रिपोर्ट कहती है कि G7, G20 सरकारें, विकासशील राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान कैसे रिन्यूएबल नेतृत्व वाली रिकवरी की पूरी क्षमता और लाभों को अनलॉक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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भारत को नेट जीरो लक्ष्य की ओर ले जा रही है पवन ऊर्जा
कोविड-19 की उथल-पुथल के बावजूद भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों की रुचि मजबूती से बनी

भारत में 600 से ज्यादा फ़ौरन काम शुरू होने योग्य, कम कार्बन उत्सर्जन अवसर मौजूद

The role of clean energy for economic and social change

नई दिल्ली, 07 जुलाई 2021. आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन के लिए स्वच्छ ऊर्जा की भूमिका कभी भी इतनी ज़रूरी नहीं रही है जितनी कि अब वर्तमान समय में है। इस सिलसिले में EY-Parthenon की अनूठी अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में 47 देशों में 13,000 वास्तविक और सतत अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं (Sustainable Renewable Energy Projects) के ज़रिये 9 मिलियन ( 90 लाख ) रोजगार सृजित करने की क्षमता की पहचान की है।

यह रिपोर्ट कहती है कि G7, G20 सरकारें, विकासशील राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान कैसे रिन्यूएबल नेतृत्व वाली रिकवरी की पूरी क्षमता और लाभों को अनलॉक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Efforts to create and consume clean energy in India

भारत में स्वच्छ ऊर्जा बनाने और उसके उपभोग के प्रयासों की दिशा में बढ़ते हुए, कंसल्टिंग फर्म EY और FICCI (फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने लगभग 2 ट्रिलियन रुपये के इक्विटी निवेश की सम्भावना वाले कम कार्बन निवेश के अवसरों की पहचान की है। इसका सीधा मतलब हुआ कि कोविड के बाद की आर्थिक रिकवरी को पर्यावरण अनुकूल और जलवायु तटस्थ बनाने में मिल सकता है ज़बरदस्त बल।

ये परियोजनाएं दुनिया भर में बड़े पैमाने पर, ग्रीन रिकवरी को शुरू कर सकती हैं। पहचाने गए "एकदम काम के लिए तैयार अवसरों में निवेश देशों के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित अपनी मर्कजी से अपने कार्बन उत्सर्जन कम करने  के लक्ष्यों (NDCs) (एनडीसी) के एक-पांचवें हिस्से से ज़्यादा में योगदान देंगे और अध्ययन में शामिल देशों में कोविड-19 के कारण आर्थिक नुकसान के पर्याप्त अनुपात को मिटिगटे (कम) कर सकते हैं या उलट सकते हैं।

EY ने एक बयान जारी कर कहा है कि,

"EY और FICCI ने 600 से अधिक, कम कार्बन उत्सर्जन वाले, निवेश के ऐसे अवसरों की पहचान की है जहाँ फ़ौरन काम शुरू किया जा सकता है।"

बयान में आगे बताया गया है कि इन परियोजनाओं में 2 लाख करोड़ रुपये की इक्विटी निवेश की सम्भावना है और इनके वित्तपोषण के लिए ऋण की शक्ल में 4 लाख करोड़ रुपये की सम्भावना है।"

अक्षय ऊर्जा उत्पादन, हरित ऊर्जा उपकरण निर्माण में रोजगार | Employment in renewable energy generation, green energy equipment manufacturing

ये सभी परियोजनाएं अक्षय ऊर्जा उत्पादन, हरित ऊर्जा उपकरण निर्माण जैसे क्षेत्रों में हैं। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आयी है जब भारत दुनिया का सबसे बड़ा स्वच्छ ऊर्जा कार्यक्रम चला रहा है और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक नेतृत्व की भूमिका की मांग कर रहा है।

बयान में कहा गया है,

“EY ने FICCI के सहयोग से आज एक रिपोर्ट जारी की, जिसके शीर्षक का हिंदी अनुवाद है, “भारत में महामारी के बाद स्वच्छ ऊर्जा के बुनियादी ढांचे और नौकरियों के साथ आर्थिक सुधार में तेज़ी”। यह रिपोर्ट भारत सरकार द्वारा COVID स्टीम्युलस पैकिजों के बाद आर्थिक सुधार और जलवायु तटस्थता लक्ष्यों को संतुलित करने के लिए ठोस नीति सिफारिशों पर प्रकाश डालती है।”

अच्छी बात ये है कि कोविड-19 महामारी के कारण हुई वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेशकों की रुचि मजबूती से बनी हुई है।

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