डब्ल्यूएचओ की दो टूक : कोविड-19 के खिलाफ टीके का परीक्षण के लिए अफ्रीकन गिनी पिग नहीं बनेंगे

Coronavirus: Africa will not be testing ground for vaccine, says WHO “Africa can’t and won’t be a testing ground for any vaccine,” said Director General Dr Tedros Adhanom Ghebreyesus. जेनेवा, 8 अप्रैल 2020 : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक ट्रेडोस अदनोम घेब्रेयसस (World Health Organization (WHO) Director General Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने साफ कहा …
डब्ल्यूएचओ की दो टूक : कोविड-19 के खिलाफ टीके का परीक्षण के लिए अफ्रीकन गिनी पिग नहीं बनेंगे

Coronavirus: Africa will not be testing ground for vaccine, says WHO

 “Africa can’t and won’t be a testing ground for any vaccine,” said Director General Dr Tedros Adhanom Ghebreyesus.

जेनेवा, 8 अप्रैल 2020 : विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक ट्रेडोस अदनोम घेब्रेयसस (World Health Organization (WHO) Director General Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने साफ कहा है कि अफ्रीका कोविड-19 महामारी के संक्रमण के खिलाफ किसी भी टीके के लिए परीक्षण का मैदान नहीं बनेगा।

जेनेवा में सोमवार को ट्रेडोस ने एक वर्चुअल ब्रीफिंग में कहा,

“अफ्रीका किसी भी वैक्सीन के लिए परीक्षण का आधार नहीं बन सकता है और न ही हो सकता है। हम दुनियाभर में किसी भी वैक्सीन या थैरेप्यूटिक्स का परीक्षण करने के लिए सभी नियमों का पालन करेंगे, चाहे वह यूरोप में हो या अफ्रीका में या और कहीं।”

When asked about the doctors’ suggestion during the WHO’s coronavirus briefing, Dr Tedros became visibly angry, calling it a hangover from the “colonial mentality”.

गौरतलब है कि कुछ वैज्ञानिकों द्वारा पिछले सप्ताह की गई टिप्पणियों में कहा गया था कि नए टीकों के लिए परीक्षण का आधार अफ्रीका होगा।

ट्रेडोस ने इसी के मद्देनजर कहा, “औपनिवेशिक मानसिकता के हैंगओवर को रोकना होगा।”

खबरों के अनुसार, एक टीवी बहस के बाद दो फ्रांसीसी डॉक्टरों पर नस्लवाद का आरोप लगा है। उनमें से एक ने अफ्रीका में परीक्षण का सुझाव देते हुए कहा था कि कोविड-19 संक्रमण पर ट्यूबरक्लोसिस का टीका प्रभावी साबित होगा या नहीं इसकी जांच अफ्रीका में होनी चाहिए।

कड़े शब्दों में नस्लवादी टिप्पणी की निंदा करते हुए डब्ल्यूएचओ के प्रमुख ने दोहराया, “यह अफ्रीका में नहीं होगा, और कहीं और नहीं होगा, किसी भी देश में नहीं। सभी प्रोटोकॉल को ध्यान में रखा जाएगा और मानवों के साथ मानवी की तरह ही व्यवहार किया जाएगा।”

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