काबुल से भारत आए लोगों में दो कोरोना संक्रमित

संक्रमित यात्री 146 भारतीय नागरिकों के दूसरे जत्थे में शामिल हैं जो सोमवार को कतर की राजधानी दोहा से दिल्ली पहुँचा था। उन्हें पहले युद्धग्रस्त काबुल से मध्य-पूर्वी देश ले जाया गया था।
 | 
Indians back from Afghanistan काबुल से भारत आए लोग

Two corona infected among people who came to India from Kabul

नई दिल्ली, 24 अगस्त (न्यूज़ हेल्पलाइन). अफगानिस्तान की राजधानी काबुल (Kabul, the capital of Afghanistan) से भारत ऐयरलिफ़्ट करा कर लाए गए 146 लोगों के जत्थे में से दो लोग सोमवार को कोरोनावायरस (कोविड -19) संक्रमित पाए गए।

संक्रमितों को एलएनजेपी अस्पताल भेजा गया

बताया जा रहा है काबुल से दिल्ली उतरे दोनों यात्रियों को लोक नायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल भेज दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार संक्रमित यात्री 146 भारतीय नागरिकों के दूसरे जत्थे में शामिल हैं जो सोमवार को कतर की राजधानी दोहा से दिल्ली पहुँचा था। उन्हें पहले युद्धग्रस्त काबुल से मध्य-पूर्वी देश ले जाया गया था।

कतर में भारतीय दूतावास ने रविवार को ट्वीट करते हुए जानकारी दी थी कि, " अफगानिस्तान से भारतीयों को वापस लाना।

अफगानिस्तान से दोहा लाए गए 146 भारतीय नागरिकों का दूसरा जत्था आज भारत वापस लाया जा रहा है।

उनके समर्थन के लिए शामिल सभी को धन्यवाद।”

प्राप्त जानकारी के अनुसार काबुल से अपने नागरिकों के साथ-साथ अफगान भागीदारों को निकालने के देश के मिशन के तहत रविवार को तीन स्वतंत्र उड़ानों में दो अफगान सांसदों और दो नेपाली नागरिकों सहित लगभग 400 लोगों को भारत लाया गया।

भारतीय वायु सेना (IAF) के C-17 विमान में 100 से अधिक भारतीयों और 23 अफगान सिखों और हिंदुओं सहित कुल 168 यात्रियों को काबुल से दिल्ली के पास हिंडन एयरबेस ले जाया गया। वहीं 87 भारतीय नागरिक और दो नेपाली नागरिक ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे से एयर इंडिया की एक विशेष उड़ान से दिल्ली वापस आए।

इसके अलावा, कुछ दिन पहले काबुल से दोहा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और नाटो द्वारा संचालित विमानों से लाए गए 135 भारतीयों को भी रविवार को दिल्ली वापस भेज दिया गया।

पाठकों से अपील

Donate to Hastakshep

नोट - 'हस्तक्षेप' जनसुनवाई का मंच है। हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे।

OR

भारत से बाहर के साथी Pay Pal के जरिए सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं।

Subscription