नीतीश के पुराने गुरु ने पूछा जदयू में आरसीपी इतना ताकतवर कैसे हो गए हैं !

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar addresses during a programme in Patna on Jan 7, 2019. (Photo: IANS)

Nitish’s old guru asked how RCPs have become so powerful in JDU!

नई दिल्ली, 15 दिसंबर 2019. बिहार के मुख्यमंत्री और जद (यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार के दुर्दिन लगता है शुरू हो गए हैं। कैब पर जद(यू) कुनबे में छिड़ी जंग पर कभी नीतीश के गुरु रहे वरिष्ठ समाजवादी नेता शिवानन्द तिवारी (Shivanand Tivary) ने पूछा है कि ” जदयू में आरसीपी इतना ताकतवर कैसे हो गए हैं !”

श्री तिवारी ने अपनी फेसबुक टाइमलाइन पर लिखा,

“जदयू में आरसीपी इतना ताकतवर कैसे हो गए हैं ! नीतीश कुमार प्रशांत किशोर को जदयू में रखना चाहते हैं. उनका इस्तीफ़ा ख़ारिज कर रहे हैं. तो आरसीपी उनको वहाँ से भगाना चाहते हैं !

सब जानते हैं कि नीतीश जी की इजाज़त की बग़ैर उनकी पार्टी में पत्ता भी नहीं ख़ड़क सकता है. ऐसे माहौल में उनकी इच्छा के विपरीत सार्वजनिक रूप से बोलने की हैसियत आरसीपी ने कैसे अर्जित कर ली है !

नीतीश जी भले ही दावा करें कि एनआरसी यानी नागरिक रजिस्टर बिहार में नहीं लागू होगा. लेकिन स्पष्ट है कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर तो अब संशोधित नागरिकता क़ानून के आधार पर ही बनेगा. अमित शाह बार-बार कह रहे हैं कि एक-एक घुसपैठियों को निकाल बाहर करेंगे. ये लोग घुन की तरह देश को चाट रहे हैं. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर बनाने की घोषणा तो भाजपा ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में ही कर दिया था. जबकि नीतीश जी की पार्टी ने लोकसभा चुनाव में अपना घोषणा पत्र जारी नहीं किया था. इसका अर्थ तो यही है कि वह भाजपा के ही घोषणा पत्र पर लोकसभा का चुनाव लड़ी था.

नागरिकता क़ानून का समर्थन करने के बाद अब स्पष्ट हो चुका है कि नीतीश जी किसी दबाव में हैं. उसी दबाव में उन्होंने नागरिकता क़ानून में संशोधन का समर्थन किया है. अन्यथा तीन तलाक़ और 370 का विरोध करने वाला संविधान और देश की हमारी विशिष्टता को नष्ट करने वाले नागरिकता क़ानून में संशोधन का समर्थन कैसे कर सकता है! इसकी वजह क्या हो सकती है ? नीतीश कुमार पर दबाव डालने के लिए ‘किसी प्रकार से अर्जित’ आरसीपी के उस हैसियत का भाजपा इस्तेमाल तो नहीं कर रही है !!

शिवानन्द”


पाठकों से अपील

“हस्तक्षेप” जन सुनवाई का मंच है जहां मेहनतकश अवाम की हर चीख दर्ज करनी है। जहां मानवाधिकार और नागरिक अधिकार के मुद्दे हैं तो प्रकृति, पर्यावरण, मौसम और जलवायु के मुद्दे भी हैं। ये यात्रा जारी रहे इसके लिए मदद करें। 9312873760 नंबर पर पेटीएम करें या नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके ऑनलाइन भुगतान करें

 

Leave a Reply