आप घुमंतू चरवाहों के बारे में क्या जानते हैं?

आप घुमंतू चरवाहों के बारे में क्या जानते हैं?

Know About Nomadic Shepherds in Hindi | घुमंतू चरवाहों के बारे में जानें

घुमंतू की परिभाषा | घुमंतू किसे कहते हैं | definition of nomad in Hindi

घुमंतू ऐसे लोग होते हैं जो किसी एक जगह टिक कर नहीं रहते बल्कि रोजी-रोटी की जुगाड़ में यहाँ से वहाँ घूमते रहते हैं। भारत के कई हिस्सों में हम घुमंतू चरवाहों को अपने जानवरों के साथ आते-जाते देख सकते हैं। चरवाहों की किसी टोली के पास भेड़-बकरियों का रेवड़ या झुंड होता है तो किसी अन्य टोली के पास ऊँट या अन्य मवेशी रहते हैं।

क्या इन घुमंतू चरवाहों को देखकर आपने कभी यह सोचा है कि वे कहाँ से आए हैं और कहाँ जा रहे हैं?

क्या आप जानते हैं कि ये घुमंतू चरवाहे रहते कैसे हैं, उनकी आमदनी का साधन क्या है और इन घुमंतू चरवाहों का इतिहास क्या है?

इतिहास की पुस्तकों में इन चरवाहों को विरले ही जगह मिल पाती है।

भारत में कितनी तरह के घुमंतू चरवाहे हैं? | How many types of nomadic shepherds are there in India?

भारत में दो तरह के घुमंतू चरवाहे हैं। गूजर चरवाहे और गैर-गूजर चरवाहे। भारत में इनकी आबादी कुल आबादी का छह प्रतिशत तक थी। इधर ज्यादा उल्लेख नहीं मिलता।

बहरहाल भारत में लगभग 200 जातियां मवेशी पालने और चराने का काम करती हैं। ज्यादातर गूजर गाय पालते हैं और उनकी नस्ल सुधारने का काम भी करते हैं।

गूजर चरवाहों की जीवन पद्धति

इनकी जीवन पद्धति (lifestyle of gujjar herders) हजार साल पुरानी बताई जाती है लेकिन केरल एवं उत्तर-पूर्वी राज्यों के चरवाहों की जीवन पद्धति कुछ अलग है, संभवत: इनका प्राकृतिक परिवेश कुछ अलग तरह का है इसीलिये।

गूजरों को पशुपालन में दक्षता हासिल है और माना जाता है कि संसार भर में इस दक्षता में भारत प्रसिद्ध है।

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Photo by cottonbro on Pexels.com

इनमें से कई गूजर ऊंट पालते हैं जैसे राजस्थान और गुजरात के गूजर। हिमालय के क्षेत्र में गूजर लोग भेड़, बकरी, भैंस और गाय पालते हैं कुछ गूजर एक ही तरह के पशु पालते हैं तो कुछ मिले-जुले पशुओं को पालते हैं। कुछ गड़रिये पशुपालन के साथ-साथ बुनाई, कढ़ाई का काम भी करते हैं।

घुमंतू होने के कारण इनके पशु प्राकृतिक चारे पर ही पलते हैं। जहां जाते हैं वहीं दूध, घी, शहद, ऊन आदि के द्वारा वहां बसे लोगों की सेवा करते हैं और बदले में अपनी जरूरत भी पूरी कर लेते हैं।

घुमंतू गूजरों की जीवन शैली पर पर्यावरण का असर (The impact of the environment on the lifestyle of the nomadic Gujars)

सीमांत क्षेत्र,  सूखे क्षेत्र अथवा अधसूखे क्षेत्रों का पर्यावरण भिन्न होता है। इसका असर घुमंतू गूजरों की जीवन शैली पर भी पड़ता है। विकास योजनाओं में इनके लिये क्या-क्या प्रावधान हैं यह पूरी तरह जानना अभी बाकी है।

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