ये मूर्खता का स्वर्णिम काल है। थाली पिटवाने और शंख बजवाने के लिए बिग थैंक्यू मोदी जी !

अब आगे कोरोना वायरस से लड़ने का क्या प्रोग्राम है.. यह भी बता दीजिए | Now what is the program to fight the corona virus further .. Please also tell

एक बार फिर से साबित हुआ कि ये वही देश है जहाँ गणेश जी की मूर्तियों को दूध पिलाना बड़ा आसान है।

सम्पूर्ण वातावरण में थाली पीटने और शंख बजाने की आवाजें गूंज रही हैं। चमत्कार की आस में हम सालों तक अपना नुकसान झेल सकते हैं।

असल में इस देश के लोग भेड़ों के झुंड की तरह हो चुके हैं, जिसे हांकने के लिए सिर्फ एक कुशल चरवाहे की जरूरत है। हमारा चरवाहा बनने के लिए बिग थैंक्यू मोदी जी ! अब पटाखे भी दगने लगे हैं।

धरती पर यदि कहीं भगवान है तो वो यहीं है, यहीं है, यहीं है ! अपने आस पास मूर्खों की गिनती करने की जरूरत नहीं है। फिलहाल बहुत बड़ी संख्या में है। ये मूर्खता का स्वर्णिम काल है।

चलिए अब ताली, थाली, शंख ..सब बज गया..

अब आगे कोरोना वायरस से लड़ने का क्या प्रोग्राम है.. यह भी बता दीजिए मोदीजी ?

या फिर सब राम भरोसे ही है।

(अमित सिंह शिवभक्त नंदी की एफबी टिप्पणियां साभार)

Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
उपाध्याय अमलेन्दु:

View Comments (0)

Related Post
Leave a Comment
Recent Posts
Donate to Hastakshep
नोट - हम किसी भी राजनीतिक दल या समूह से संबद्ध नहीं हैं। हमारा कोई कॉरपोरेट, राजनीतिक दल, एनजीओ, कोई जिंदाबाद-मुर्दाबाद ट्रस्ट या बौद्धिक समूह स्पाँसर नहीं है, लेकिन हम निष्पक्ष या तटस्थ नहीं हैं। हम जनता के पैरोकार हैं। हम अपनी विचारधारा पर किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए, यदि आप हमारी आर्थिक मदद करते हैं, तो हम उसके बदले में किसी भी तरह के दबाव को स्वीकार नहीं करेंगे। OR
Donations