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अँधियारे पाख की इक कविता है जिसने चाँद बचा रक्खा है ..

kavita Arora डॉ. कविता अरोरा
डॉ. कविता अरोरा

शुक्ल पक्ष फलक पर ढुलकता चाँद …
टुकड़ी-टुकड़ी डली-डली घुलता चाँद …
सर्दी ..गरमी ..बरसात ..
तन तन्हा अकेली रात …
मौसमों के सफ़र पर मशरिक़ से मगरिब डोलता है ..
निगाहों-निगाहों में सभी को तोलता है…
मसरूफियात से फ़ुरसत कहाँ आदमी को ..
अब भला चाँद से कौन बोलता है ….
दिन जलाये बैठी इन बिल्डिंगों का उजाला ….
बढ़ा के हाथ फलक से रात ..
खींच लेता है ..
इन चुधिंयाती रौशनी में बेचारा चाँद
आँख मींच लेता है …..
शुक्ल की ये रातें ….
ये शहर जगमगाते ….
बिल्डिंगों के काले साये ..
बढ़-बढ़ कर चाँद खाते हैं …
छुप-छुप सरकता है ओट से चाँद के पाँव लड़खड़ाते हैं …
चाँद का हश्र देख ..
अँधियारा पाख चाँद उबार लेता है …
कुछ दिनों के लिये ही सही
फलक से चाँद उतार लेता है ….
तब चाँद बेधड़क मेरे क़रीब आता है …
उजियारे पाख के तमाम क़िस्से तफ़्सील से सुनाता है …
कौन सी रात …
कितनी घनेरी थी …
चर्च के पीछे इक बेरी थी ..
उस बेरी के काँटों ने चाँद उलझाया था ..
जाने उन बेरियों पर किसका साया था ….
रात पूनम की थी
ख़ामोश थी …
चुप रास्ते की कंकरीट…
बेरी से छिला चाँद ..
बदन पड़ी झरींट ..
मैं चाँद पर मरहम लगाती हूँ …
गुनगुना कर …
चाँद को ..
चाँद की इक नज़्म सुनाती हूँ ….
चाँद सब दर्द भूलकर ..
नज़्मों में गुम जाता है …
हर्फ़ों पर फिसलता है …
ग़ज़लों में थम जाता है …
तब मैं शहर के ठियों से नाज़ुक उँगलियों से चाँद उठा लाती हूँ …
चोरी-चोरी चाँद को चाँद के गाँव ले जाती हूँ जहाँ..
घुप्प अँधियारे …
चाँद चौबारे चढ़ लुक ढुक जाता है चाँद
झट्ट से इमलियों की ओट में छुप जाता है …
चाँद इन चमकीली रातों से और निभाना नहीं चाहता ….
किसी भी सूरत वापस फलक पर जाना नहीं चाहता ….,
फिर चढ़ शाम के टीले …
दिखा ..ख़्वाब रूपहले …
सूरज का चाँद बरगलाना …
आ चल फलक तक चल चाँद …
बेनागा रोज बुलाना …
इन नर्म लहजों से पिघलकर चुपड़ी बातों में फिसल कर …
मासूम चाँद तल्खियाँ भूल जाता है ..
फिर उसी मतलबी ..
फलक की पनाहों में झूल जाता है …
यूँ चाँद को मालूम है ..
शुक्ल के ..
इन बेमुरव्वत रास्तों में कुछ नहीं रक्खा है …
अँधियारे पाख की इक कविता है जिसने चाँद बचा रक्खा है ..

डॉ. कविता अरोरा

About Kavita Arora

नाम – डॉ. कविता अरोरा जन्म कार्तिक पूर्णिमा – बदायूँ (उप्र) शिक्षा – एमए, पीएचडी, प्रयाग संगीत समिति से संगीत में सीनियर डिप्लोमा पीएचडी का विषय – “रूहेलखंड मंडल में संगीत व्यवसाय में कार्यरत व्यक्तियों का समाजशास्त्रीय अध्ययन” लंदन ब्लैकपूल में लगभग दो वर्ष तक कार्य, बरेली के सी बी एस ई इन्टर कालेज की पूर्व चेयरपर्सन , सम्प्रति - स्वतंत्र रचना कर्म, गूगल द्वारा दो बार सम्मानित, देश के सबसे पुराने पोर्टल hastakshep.com की सह संपादिका, Hastakshep के यूट्यूब चैनल के देश के वरिष्ठ सुप्रसिद्ध नवगीतकारो , साहित्यकारों , के आडियो वीडियो कालम “साहित्यिककलरव “का संयोजन सक्रियता – कवयित्री, रंगकर्मी, लोकगायिका, साहित्यिक मंच संचालिका अन्य : देश के सबसे पुराने संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (बदायूँ) की जिला अध्यक्ष, लगभग 25 वर्ष पुरानी साहित्यिक ,सामाजिक सांस्कृतिक संस्था “सुरकला संगम “की अध्यक्ष देश के सुप्रसिद्ध ओज कवि डॉ. ब्रजेन्द्र अवस्थी, राष्ट्रीय गीतकार डॉ. उर्मिलेश शंखधार , कालजयी गीतों के रचयिता सुप्रसिद्ध फिल्मगीतकार संतोष आनंद जी , प्रसिद्ध शायर डॉ राहत इन्दौरी, सुप्रसिद्ध कवि गीतकार डॉ. कुमार विश्वास, सुप्रसिद्ध शायर नवाज़ देवबंदी , शायर कलीम कैसर, व अन्य कई प्रसिद्ध नामो के साथ मंच पर काव्यपाठ, सुप्रसिद्ध कवि गीतकार डॉ बुद्धिनाथ जी के एकल काव्यपाठ में गीतगागर मंच का संचालन , फिल्मगीतकार संतोष आनंद जी के साथ संस्मरणों के लाइव इंटरव्यू एक हजार से ज्यादा सांस्कृतिक, सामाजिक साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन नेशनल न्यूज चैनल जे के , से 26 जनवरी 19 को टेलीकास्ट (काव्यपाठ) दस दिवसीय मुंशी प्रेम चंद महोत्सव 19 कार्यक्रम का संचालन व स्मारिका का संपादन कई पत्र पत्रिका में लेख हस्तक्षेप, अमर उजाला काव्य, गीतगागर, संवाद, धर्मयुग पुरस्कार प्राप्त अभिनव प्रयास में रचनाएं प्रकाशित.... अमेरिका, स्पेन, स्काटलैंड,, मलेशिया, इटली, बेल्जियम, जर्मनी, एम्सटडर्म, फ़्रांस, वेनेज़ुएला, लंदन, वेनिस, कोरिया, जापान, एम्सटडर्म, इजिप्ट, बार्सीलोना, चीन, पाकिस्तान, सिंगापुर, यूएई, ईरान, नीदरलैंड आदि दो दर्जन से अधिक देशों की यात्रा। हस्तक्षेप में कई लाइव डाक्यूमेन्टरी। 92.7 बिग एफ बरेली के साथ वेरीयस सोशल ईशूज़ पर मॉर्निंग शो पर डिस्कशन, इंटरव्यू सेशन। बिग एफ एम के कई कार्यक्रम में सिटी जज 92.7 बिग एफएम के बिग मेहमान कार्यक्रम में ख़ास साक्षात्कार कई अन्य संस्थाओं के कार्यक्रम में निर्णायक पद की भूमिका बदायूँ महोत्सव, हिन्दी अख़बार हिन्दुस्तान के कार्यक्रम में महिलाओं के लिये कार्यक्रम में निर्णायक पद की भूमिका , केबिनेट मिनिस्टर लक्ष्मी नारायण जी और देश के सुप्रसिद्ध सिंगर जस्सी गिल द्वारा गीत रिलीज़ 108 वाँ दाऊ जी महोत्सव,पीलीभीत कस्तूरी महोत्सव में काव्यपाठ अखिलभारतीय कवि सम्मेलन में काव्यपाठ कई मंचों पर प्रस्तुति बदायूँ, बरेली के डी.एम. द्वारा सांस्कृतिक साहित्यिक क्षेत्र के लिये सम्मानित। राधेशयाम कथावाचक स्मृति सम्मान, मुंशीप्रेमचंद स्मृति सम्मान, अटल सम्मान, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में शौर्य सम्मान, संवाद पत्रिका द्वारा सम्मानित व अन्य कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित

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